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पलामू: शिक्षा के मंदिर में रखी हैं नशे की बोरियां, बच्चों की पढ़ाई बाधित, विभाग मौन

Palamu:  गर्मी की छुट्टी के बाद एक बार फिर स्कूलों में पढ़ायी शुरू हो गयी है. लेकिन जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में कई ऐसे स्कूल हैं, जहां गीष्मावकाश के बाद भी बच्चों की पढ़ाई बाधित है. वजह जानकार हैरान हो जायेंगे. दरअसल, इन स्कूलों में नशे की बोरियां (बीड़ी पत्ता) रखी हुई हैं. क्लास और बरामदा बोरियों से पटी हुई हैं और शिक्षा विभाग मौन साधे हुए है.

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कहां-कहां के स्कूलों में बंद है पढ़ायी

जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत अति उग्रवाद और सुदूरवर्ती होटाई राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नगड़ी राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, माहे डेमा उमवि समेत कई स्कूल भवन बीड़ी पत्ता (केंदू पत्ता) के गोदाम बन गये हैं. जिससे बच्चों के पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. आस-पास घना जंगल है. जंगलों से पत्तों को तोड़कर लाया गया है और सुखाकर उन्हें स्कूल के बरामदे में रखा गया है.

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कुछ स्कूलों में भरी हैं सीमेंट की बोरियां

नगड़ी राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय में सीमेंट के बोरी समेत कई सामान रखा हुआ है. स्कूल में बीड़ी पत्ता रखा हुआ है और संबंधित अधिकारी इस पर कुछ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. यह बड़ी बात है. होटाई राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य का अधिकांश भवन जर्जर है. ऐसे में स्कूल में बीड़ी पत्ता रखना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा लगता है.

किसके आदेश से पत्ते रखे गए, कोई नहीं बताता

सवाल उठता है कि स्कूल में किसके आदेश से बीड़ी पत्ता रखा गया. क्या स्कूल के संबंधित शिक्षक व समिति के सहमति से स्कूल में बीड़ी पत्ता रखा गया. या फिर संवेदक अपनी मर्जी से स्कूल में बीड़ी पत्ता रख दिया है.

यदि संवेदक अपनी मर्जी से स्कूल में बीड़ी पत्ता रख दिया तो इस पर स्कूल के संबंधित शिक्षक व समिति ने एक्शन क्यों नहीं लिया? मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से क्यों नहीं की गयी? मगर यहां कुछ नहीं हुआ.

पत्ते रखने के एवज में शिक्षक वसूलते हैं किराया

इससे साफ जाहिर होता है कि कही न कही संबंधित शिक्षक व समिति के सहमति से स्कूल में बीड़ी पत्ता रखा गया है. नाम नहीं छापने के शर्त पर कई ग्रामीणों ने बताया कि बीड़ी पत्ता स्कूल में रखने के एवज में स्कूल के संबंधित शिक्षक किराये के तौर पर पैसे लेते हैं.

हालांकि स्कूल के संबंधित प्रधानाध्यापकों ने संवेदक द्वारा पैसे लेने को बात को खारिज किया है. वही बीईईओ बाबूलाल मुर्मू ने बताया कि स्कूल में बीड़ी पत्ता रखने की सूचना मिली है. जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी.

जबरदस्ती रखा गया बीड़ी पत्ता: प्रधानाध्यापक

होटाई राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार ने कहा कि जबरदस्ती स्कूल में बीड़ी पत्ता रख दिया गया. जब मना किया तो बीड़ी पत्ता कार्य कर रहे मजदूरों ने इसे हटा लेने की बात कही. मगर अभी तक नहीं हटाया गया. सुदूरवर्ती क्षेत्र के कारण ज्यादा एक्शन नहीं ले पाते है.

बीड़ी पत्ता किसने रखा पता नहीं: अमरनाथ

राजकीयकृत उमवि के प्रधानाध्यापक अमरनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि पुराने स्कूल भवन में कक्षा संचालित होती है. एक साइड का भवन काफी जर्जर है. जर्जर भवन की चाभी स्कूल के अध्यक्ष के पास रहती है. 10 जून तक बीड़ी पत्ता स्कूल में नहीं रखा गया था.

बीच में स्कूल बंद होने पर घर चलें गए. इस बीच में रखा गया होगा. इसकी जानकारी नहीं है. सीआरपी प्रदीप कुमार ने बताया कि स्कूल में बीड़ी पत्ता रखने के जानकारी नहीं है. जांच के बाद करवाई होगी.

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