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हजारीबागः अदालत को कागजात नहीं सौंपने के आरोप में सिविल सर्जन के वेतन पर लगी रोक

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Hazaribagh:  न्यायालय के आदेश की अवमानना करने के आरोप में अगले आदेश तक के लिए हजारीबाग की सिविल सर्जन ललिता वर्मा के वेतन पर रोक लगा दी गयी है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार की अदालत ने यह न्यायिक आदेश जारी किया है. आदेश की प्रति जिले के उपायुक्त के साथ ट्रेजरी व सिविल सर्जन को भी भेजी जा रही है.

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 क्या है मामला

हजारीबाग न्यायालय में चल रहे एक मुकदमा में प्रतिवेदन समय पर नहीं देने के आरोप में सिविल सर्जन ललिता वर्मा के वेतन पर रोक लगायी गयी है. यह आदेश प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने जारी किया है. बरही थाना कांड संख्या 485 /18 में एक पीड़िता का जख्म प्रतिवेदन न्यायालय में जमा नहीं किया गया.

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इस कारण पीड़िता को न्याय देने और अपराधी को सजा सुनाने में न्यायालय को विलंब हो रहा है. उल्लेखनीय कांड संख्या 485/18 में एक आरोपी केंद्रीय कारा हजारीबाग में विचाराधीन बंदी है. वह कांड का मुख्य आरोपी है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में सत्रवाद संख्या 96/19 के तहत सुनवाई चल रही है.

मामले में न्यायालय द्वारा इस आदेश के पूर्व हजारीबाग के सिविल सर्जन को कई बार जख्म प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश दिया गया था. लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद भी सीएस द्वारा जख्म प्रतिवेदन नहीं जमा किया गया.

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