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राज्य गठन के 18 साल बाद भी पुलिस बल की कमी से जूझ रहा झारखंड, 15 हजार पुलिस की है कमी

Saurav Singh

Ranchi : झारखंड राज्य के गठन हुए 18 साल हो गए हैं. इसके बावजूद झारखंड पुलिस बल की कमी से जूझ रहा है. जानकारी के मुताबिक, जिस वक्त बिहार से अलग होकर झारखंड एक नया राज्य बना था, उस वक्त झारखंड पुलिस बल की संख्या 28 हजार के करीब थी. जबकि झारखंड के पुलिस बल के लिए स्वीकृत पदों की संख्या 73 हजार 713 है और इनमें से 15 हजार 400 पद खाली हैं.

पुलिस बल की कमी की वजह से जहां पुलिसकर्मियों को 10 से 12 घंटे की ड्यूटी करनी होती है. वहीं पुलिसकर्मियों की कमी दूर करने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है. आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में 956 लोगों की सुरक्षा में एक पुलिस है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि झारखंड में पुलिसकर्मियों की कितनी कमी है.

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 68 फीसदी पुलिसकर्मियों की हरदिन 11 घंटे से ज्यादा होती ड्यूटी

पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की 2014 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 90 फीसदी पुलिस वाले आठ घंटे से ज्यादा काम करते हैं. इसी रिपोर्ट के मुताबिक, 68 फीसदी पुलिसकर्मियों को रोजाना 11 घंटे से ज्यादा काम करना पड़ता है, जबकि 28 फीसदी पुलिस वाले 14 घंटे से भी ज्यादा काम करते हैं. लगभग आधे पुलिस वालों ने यह शिकायत की है कि तकरीबन हर महीने छुट्टी के दौरान भी उन्हें कम से कम आठ से दस बार ड्यूटी पर बुलाया गया. लगातार काम करने और छुट्टी नहीं मिलने की वजह से पुलिसकर्मी मानसिक तनाव से गुजरते हैं.

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 मणिपुर, झारखंड और छत्तीसगढ़ में है सबसे ज्यादा सुविधा विहीन थाने

हाल ही में जारी पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, देश में 15 हजार 555 थाने हैं, जिनमें से 10 हजार 14 थाने ग्रामीण इलाकों में हैं. देश का पुलिस बल टेलीफोन कनेक्शन, वाहनों और वायरलेस सेट की कमी से जूझ रहा है. राष्ट्रीय स्तर पर सौ पुलिस वालों के लिए महज 10.13 वाहन ही हैं.

वहीं 188 पुलिस स्टेशन अब भी ऐसे हैं, जिनके पास कोई वाहन नहीं है. इसी तरह 402 पुलिस स्टेशनों में टेलीफोन ही नहीं है, तो 134 थानों में वायरलेस सेट की सुविधा नहीं है. देश में 65 थाने ऐसे हैं, जहां न तो टेलीफोन है और न ही वायरलेस सेट. इन सुविधा विहीन थाने सबसे ज्यादा मणिपुर, झारखंड और छत्तीसगढ़ में हैं.

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 झारखंड में पुलिस से 8 घंटे की ड्यूटी लेने का आदेश नहीं हुआ पूरा

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने मुशहरी कमेटी की अनुशंसा पर, 5 फरवरी 2019 को पुलिस मुख्यालय के द्वारा पुलिसकर्मियों से 8 घंटे काम और सप्ताह में एक दिन की छुट्टी देने का आदेश जारी किया  था. आदेश के जारी हुए महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिसकर्मियों से 8 घंटे से ज्यादा काम किया जा रहा है.

वर्तमान जहां पीसीआर वैन में तैनात पुलिस कर्मियों को 12 से 14 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है. वहीं थाने में तैनात पुलिस कर्मियों को भी 12 से 14 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है. ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी सुबह के 8:30 से लेकर रात के 9:30 तक ड्यूटी करना पड़ रहा है.

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