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पलामू उपायुक्त के नेतृत्व का विरोध वाली खबर आधारहीन व बेबुनियादः झासा  

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Palamu : पलामू के उपायुक्त डॉ शान्तनु कुमार अग्रहरि के नेतृत्व का विरोध करने वाली खबर को झासा की पलामू इकाई ने आधारहीन व बेबुनियाद बताया है. खबर का खंडन करते हुए झासा की पलामू इकाई अध्यक्ष सह डीडीसी बिन्दू माधव सिंह ने पत्र जारी किया है. इसमें उन्होंने सोशल मीडिया में उपायुक्त के विरोध से संबंधित खबर को तथ्यहीन बताया है.

पलामू में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का डीसी के खिलाफ नाराजगी की खबर मीडिया में आने के बाद संघ बैकफुट पर आ गया. शनिवार को झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) की पलामू इकाई ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर खबर का खंडन किया है.

पलामू झासा के अध्यक्ष सह डीडीसी बिंदु माधव सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि डीसी के विरोध की बात बेबुनियाद और आधारहीन है. झासा की पलामू जिला इकाई के सभी पदाधिकारी एकजुट है और डॉ शान्तनु कुमार अग्रहरि के नेतृत्व में विकास के लिए तत्पर हैं.

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चिट्टी को बताया गया फर्जी 

झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ पलामू जिला इकाई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है कि जिले के उपायुक्त के नेतृत्व का विरोध की खबर बेबुनियाद तथा आधारहीन है. इकाई अध्यक्ष ने कहा है कि झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ, पलामू जिला इकाई के सभी पदाधिकारी उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि के नेतृत्व में पलामू जिले के विकास के लिए तत्पर तथा दृढ़संकल्पित है. ऐसी किसी तरह की चिट्टी उनके संगठन की ओर से जारी नहीं की गयी है. बैठक से जुड़े एक अधिकारी ने खबर का खंडन करते हुए अपने हस्ताक्षर के गलत इस्तेमाल का दावा किया है.

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27 वरीय अधिकारियों के हस्ताक्षरयुक्त चिट्टी हुई थी वायरल

विदित हो कि 8 जून की शाम पलामू जिले के 27 वरीय अधिकारियों की हस्ताक्षर वाली चार पन्नी की चिट्टी सोशल मीडिया में वायरल हुई थी. 7 जून को बैठक से संबंधित चिट्टी में पलामू के डीसी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे.

चिट्टी में अधिकारियों के नाम के साथ उनके हस्ताक्षर भी किए गए थे. प्रोसेडिंग में लिखा गया था कि डीसी के व्यवहार से अधिकारी अवसाद से ग्रसित हैं. बात-बात पर कार्रवाई करने, प्राथमिकी दर्ज करने, प्रपत्र के गठित करने, एसीआर खराब करने आदि की धमकी देते हैं.

इन बड़े अधिकारियों के थे चिट्टी में हस्ताक्षर

चिट्टी में बताया गया था कि डॉ शान्तनु कुमार अग्रहरि को वे डीसी के रूप में विरोध करते हैं. बैठक के प्रोसिडिंग में पलामू डीडीसी सह झासा के अध्यक्ष, अपर समाहर्ता सह उपाध्यक्ष, मेदिनीनगर, हुसैनाबाद, डीआरडीए के डायरेक्टर समेत जिला के 27 वरीय अधिकारियों के हस्ताक्षर थे.

सोशल मीडिया में विज्ञप्ति जारी होने के बाद अपने बयान से पलटा झासा 

सोशल मीडिया में वायरल प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 7 जून को देर रात तक झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ, पलामू जिला इकाई के पदाधिकारियों ने बैठक की. बैठक में पलामू डीसी के खिलाफ सारे अधिकारी गोलबंद नजर आए. अगले दिन यानि 8 जून की शाम बैठक की प्रोसेडिंग से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति सोशल मीडिया में वायरल हो गयी.

इस दिन उपायुक्त जिला से बाहर थे. जब चिट्टी वायरल हुई तो आनन-फानन में झासा के अध्यक्ष अपने बयान से पलट गए. जबकि चिट्टी में उनके हस्ताक्षर थे. हालांकि न्यूज विंग संवाददाता सहित अन्य पत्रकारों ने प्रेस विज्ञप्ति सोशल मीडिया में वायरल होता देख, इकाई के अध्यक्ष सह डीडीसी बिंदू माधव सिंह का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया.

कुछ पत्रकारों का उन्होंने फोन उठाया, लेकिन कई लोगों से उनकी बात नहीं हो पायी. इस दौरान पत्रकारों से हुई बातचीत में डीडीसी ने कहा कि गेट टूगेदर के लिए सारे पदाधिकारी जमा हुए थे. चिट्टी किसने तैयार की और कहां से लिक हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. सोशल मीडिया में चिट्टी देखने के बाद ही उन्होंने इसका खंडन करना उचित समझा.

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