
Ranchi : ऑनलाइन स्टाम्प बिक्री किये जाने के फैसले का राज्य व्यापी विरोध जारी है. 14 सितंबर से राज्य के लगभग 1500 स्टाम्प विक्रेताओं ने सरकार द्वारा शुरू की गयी इस नयी व्यवस्था का विरोध करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी है. स्टाम्प वेंडर्स की हड़ताल का सीधा असर कचहरी परिसर में देखने को मिला. हड़ताल पर गये स्टांप विक्रेताओं ने कोर्ट फीस के रूप में इस्तेमाल होने वाले टिकट की बिक्री भी बंद कर दी है.
वहीं कुछ स्टाम्प वेंडर तय कीमत से ऊंची दर पर वकीलों को कोर्ट फीस बेचकर कालाबाज़ारी कर रहे हैं. जिससे एफिडेविट कराने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है. सबसे ज्यादा परेशानी नकल निकालने, फाइलिंग करने और बेल फाइल करने में आ रही है. अनुमान के मुताबिक, सिर्फ रांची में रोजाना करीब 900 से ज्यादा एफिडेविट होते हैं और एफिडेविट में जो टिकट लगता है उसकी बिक्री भी स्टाम्प वेंडर ही करते हैं.
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कुछ विक्रेता दोगुने दाम पर बेच रहे हैं स्टाम्प
सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं के मुताबिक, स्टाम्प वेंडर्स ने एक तरफ हड़ताल की घोषणा की है. वहीं दूसरी तरफ कुछ स्टाम्प विक्रेता 5 रुपये की टिकट की बिक्री के लिए 10 रुपये तक वसूल रहे हैं. 1 रुपये के रेवेन्यू स्टांप के लिए 5 गुना ज्यादा कीमत ली जा रही है.
झारखंड राज्य मुद्रांक विक्रेता संघ के द्वारा अपनी कई मांगों को लेकर अनिश्चकालीन हड़ताल की शुरुआत की गयी है. जिसमें स्टांप की ऑनलाइन बिक्री बंद कर पूर्व की व्यवस्था लागू करने की मांग की गयी है, ताकि स्टाम्प वेंडर्स के सामने रोजगार की समस्या ना हो.
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