
Colombo : श्रीलंका के इतिहास में हुई सबसे बड़ी आतंकवादी घटना के पीछे नेशनल तौहीद जमात नाम के स्थानीय संगठन का हाथ था. श्रीलंका के एक शीर्ष मंत्री ने सोमवार को यह जानकारी दी. ईस्टर के मौके पर हुए इस घातक हमले में 290 लोगों की मौत हो गई थी और 500 अन्य घायल हो गए थे.
स्वास्थ्य मंत्री एवं सरकारी प्रवक्ता रजीत सेनारत्ने ने भी कहा कि विस्फोट में शामिल सभी आत्मघाती हमलावर श्रीलंकाई नागरिक मालूम हो रहे हैं. संवाददाता सम्मेलन में मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय इंटेलिजेंस एजेंसी के प्रमुख ने 11 अप्रैल से पहले इन हमलों की आशंका को लेकर पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) को आगाह किया था.
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खुफिया एजेंसियों ने किया था आगाह – सेनारत्ने
सेनारत्ने ने कहा कि चार अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों ने इन हमलों को लेकर आगाह किया था. आईजीपी को नौ अप्रैल को ही सूचित किया गया था. उन्होंने कहा कि कट्टर मुस्लिम समूह- नेशनल तौहीद जमात नाम के स्थानीय संगठन को इन घातक विस्फोटों को अंजाम देने के पीछे माना जा रहा है.
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े हुए हों. सेनारत्ने ने सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक के लिए पुलिस प्रमुख पुजीत जयासुंदरा का इस्तीफा मांगा है.
सरकार के एक मंत्री एवं मुख्य मुस्लिम पार्टी – श्रीलंकन मुस्लिम कांग्रेस के नेता रॉफ हकीम ने कहा कि यह निराशाजनक है कि इस तरह की जानकारी के बावजूद कोई सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए.
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श्रीलंका में फिर लगेगा कर्फ्यू
वहीं रविवार को हुए कई आत्मघाती बम धमाकों के बाद देश ने सोमवार को रात में कर्फ्यू लगाने का नया आदेश जारी किया है. रविवार को हुए धमाकों में 290 लोगों की मौत हुई है 500 लोग घायल हुए हैं. सोमवार सुबह अधिकारियों ने पहले से लागू कर्फ्यू को हटा दिया था, जिसके कुछ घंटे बाद फिर से कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है.
सरकार के सूचना विभाग ने बताया कि आज सुबह छह बजे पुलिस कर्फ्यू हटा लिया गया था, लेकिन सोमवार रात आठ बजे से इसे फिर से लागू कर दिया जायेगा. जो अगले दिन सुबह चार बजे तक जारी रहेगा.
श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के मौके पर गिरजाघरों और आलीशान होटलों को निशाना बनाकर आत्मघाती हमले और आठ सिलसिलेवार शक्तिशाली धमाके किये गये. इन होटलों में काफी संख्या में विदेशी आते हैं. इन धमाकों में छह भारतीय समेत 290 लोगों की मौत हो गयी.
धमाकों ने लिट्टे के साथ गृहयुद्ध के खात्मे के बाद से द्वीपीय देश में एक दशक से जारी शांति को छिन्न-भिन्न कर दिया है. रविवार के हमले के बाद द्वीपीय देश में तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लगा दिया गया था.
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