National

टीवी डिबेट में लड़ कर मामला सलटाने कोर्ट में आ जाते हैं? स्मृति मानहानि केस को लेकर SC ने निरुपम से यह कहा

NewDelhi : SC ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को कांग्रेस नेता संजय निरुपम की उस अपील पर नोटिस जारी किया जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ मानहानि की शिकायत रद्द करने की मांग की है.  कोर्ट ने स्मृति ईरानी को संजय निरुपम की एक अन्य अपील पर भी नोटिस जारी किया जो निरुपम के खिलाफ भाजपा नेता द्वारा दर्ज मामले में जारी समन को रद्द करने से इनकार करने के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ की गयी थी. इस पर ईरानी से दो हफ्ते में जवाब मांगा गया है.

Sanjeevani

मामले की सुनवाई के क्रम में सीजेआई रंजन गोगोई ने टिप्पणी की कि आप टीवी डिबेट में क्यों जाते हैं और जब वहां लड़ाई हो जाती है तो आप कोर्ट चले जाते हैं. बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट से संजय निरुपम को राहत नहीं मिली थी. दिसंबर 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने स्मृति ईरानी द्वारा संजय निरुपम के खिलाफ दर्ज मानहानि के मामले को जारी रखा था और मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया था.

MDLM

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना था कि साल 2012 में एक टीवी शो के दौरान कांग्रेस नेता ने स्मृति ईरानी पर निजी हमले करते हुए उनके लिए अपशब्द इस्तेमाल किये, इससे उनके ऊपर मानहानि का मामला बनता है.

इसे भी पढ़ेंः बेगूसराय: कन्हैया के समर्थकों और ग्रामीणों में झड़प, लोगों को घर में घुसकर पीटा

संजय निरुपम अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों रहते हैं

2019के  लोकसभा चुनाव में संजय निरुपम जहां मुंबई (उत्तर-पश्चिम) सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं भाजपा ने स्मृति ईरानी को यूपी के अमेठी से उम्मीदवार बनाया है. ईरानी का अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुकाबला है. कांग्रेस की मुंबई इकाई के नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान के मद्देनजर हाल ही पार्टी ने संजय निरुपम तो अध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा को कमान सौंपी थी.

हाल ही में देवड़ा और संजय निरुपम के बीच मतभेद की खबरें आयी थीं. सूत्रों के अनुसार मुंबई कांग्रेस के कई बड़े नेता संजय निरुपम के खिलाफ थे और उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे थे. 9 फरवरी को मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह और नसीम खान ने पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे से नयी दिल्ली में मुलाकात कर पार्टी की मुंबई इकाई के प्रमुख संजय निरुपम को पद से हटाने की मांग की थी.

मुंबई कांग्रेस की जिम्मेदारी से मुक्त करने की घोषणा करने वाले दिन ही पार्टी ने उन्हें मुंबई (उत्तर-पश्चिम) ने उन्हें टिकट दिया. कभी शिवसेना के तेजतर्रार नेताओं में शुमार निरुपम कांग्रेस में शामिल होने के बाद कई अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंः ‘चौकीदार चौर है’ बोल पर राहुल ने जताया खेद, कहा- उत्तेजना में दिया बयान

Related Articles

Back to top button