
Ranchi: दक्षिण पूर्व रेलवे को जीरो स्क्रैप रेलवे बनाना इस क्षेत्र के मिशन क्षेत्रों में से एक है. इस्तेमाल में नहीं आने वाली सामग्री की बिक्री से मूल्य वसूल करने के लिए सभी मंडलों और वर्कशॉप में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इसके तहत दक्षिण पूर्व रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही के अंत तक 300 करोड़ रुपये के स्क्रैप बिक्री के आंकड़े को पार कर लिया है और कुल बिक्री 31.12.2022 तक 300.63 करोड़ रुपए की है. 300.63 करोड़ की स्क्रैप बिक्री पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 38.56% अधिक है. यह चालू वित्त वर्ष में दिसंबर 2022 तक के आनुपातिक लक्ष्य 231 करोड़ रुपए से भी 30.14% अधिक है. सीपीआरओ ने बताया कि विभिन्न प्रकार के स्क्रैप की बिक्री के माध्यम से रेलवे को यह राशि मिली है. जिसमें स्क्रैप रेल, इस्तेमाल नहीं आने वाली लोको वैगन और कोच, लौह, विविध स्क्रैप, चिनाई वाली संरचनाएं शामिल हैं.
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