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हेमंत सरकार बनते ही ब्यूरोक्रेसी में होगा बड़ा उलटफेर, ये IAS अधिकारी हो सकते हैं CM के प्रधान सचिव

Akshay Kumar Jha

Ranchi: हेमंत की सरकार झारखंड में बननी तय हो चुकी है. शपथ ग्रहण की तैयारी चल रही है. साथ ही हेमंत के रणनीतिकार यह भी तय कर रहे हैं कि सरकार को चलाने के लिए जो व्यवस्था तैयार करनी है, उस व्यवस्था के हिस्सेदार कौन-कौन होंगे.

रघुवर सरकार में जो आइएएस अधिकारी अपने आप को सेंटिंग पोस्ट में समझ रहे थे. उन्होंने अपने पुराने फोन डायरेक्ट्री से नंबर निकाल कर फोन की घंटी बजानी शुरू कर दी है. पुराने रिश्तों को अब याद करने का समय आ गया है.

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बताया जा रहा है कि सरकार बनते ही हेमंत सरकार आइएएस और आइपीएस अधिकरियों में बड़ा उलटफेर करती, लेकिन आने वाले दो महीने में बजट भी आने वाला है. इसलिए बड़ा उल्टफेर बजट के बाद होने की उम्मीद है. लेकिन कुछ महत्वपूर्ण पद हैं, जिसपर सरकार बनते ही फैसला लिया जाएगा.

कौन होगा सीएम का प्रधान सचिव

आइएएस अधिकारियों के साथ-साथ सबकी नजरें इस बात पर टिकी हुई है कि आखिर हेमंत सोरेन का प्रधान सचिव कौन होगा. रघुवर दास के प्रधान सचिव सुनील बर्णवाल ने जिस शिद्दत के साथ सरकार के साथ काम किया था. उसका तजुर्बा हेमंत की सरकार जरूर उठाना चाहेगी.

हेमंत चाहेंगे कि उनके तजुर्बे का फायदा झारखंड को मिलता रहे. लिहाजा श्री बर्णवाल के चाहने के बावजूद उन्हें सेंट्रल डेपुटेशन में जाने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी तरफ नए सीएम के नए प्रधान सचिव कौन होंगे इस पर चर्चा जोरों पर है.

जिन नामों पर चर्चा हो रही है उनमें विनय चौबे का नाम सबसे आगे चल रहा है. लेकिन श्री चौबे की सेवा चुनाव आयोग में तीन साल के लिए है. उन्हें आयोग से अपनी सेवा वापस लेनी होगी.

वहीं वाणिज्य कर सचिव प्रशांत कुमार को भी कोई नयी और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. मौजूदा वित्त सचिव केके खंडेलवाल और दुमका के डीसी रह चुके और सेंट्रल डेपुटेशन पर जा चुके एमआर मीना भी दिल्ली से रांची बुलाए जा सकते हैं.

तीन महीने के बाद सीएस भी बदले जाएंगे

अगर गठबंधन में अंतर्कलह नहीं हुआ तो यह सरकार पांच साल तक चल सकती है. ऐसे में हेमंत सोरेन चाहेंगे कि एक ऐसा सीएस उन्हें मिले जो पांच साल तक उनके साथ काम कर सके. मौजूदा सीएस (मुख्य सचिव) डीके तिवारी तीन महीने के बाद रिटायर होने वाले हैं. उनके रिटायरमेंट के बाद दस ऐसे अधिकारी हैं जो सीएस रैंक के हैं. जिनमें कुछ झारखंड में हैं तो कुछ सेंट्रल डेपुटेशन पर है.

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CS रैंक के अधिकारी जो हैं सेंट्रल डेपुटेशन पर हैं

नामबैचरिटायरमेंट
राजीव गौबा1982 बैचरिटायरमेंट- 31-08-2019

(दो साल का एक्सटेंशन)

राजीव कुमार1984 बैचरिटायरमेंट- 28-02-2020
अमित खरे1985 बैचरिटायरमेंट- 30-09-2021
एनएन सिन्हा1987 बैचरिटायरमेंट- 31-07-2024
अलका तिवारी1988 बैचरिटायरमेंट- 30-09-2025

 

CS रैंक के अधिकारी जो झारखंड में ही हैं

नामबैचरिटायरमेंट
इंदू शेखर चतुर्वेदी1987 बैचरिटायरमेंट- 31-10-2022
सुखदेव सिंह1987 बैचरिटायरमेंट- 31-03-2024
अरूण सिंह1988 बैचरिटायरमेंट- 31-12-2023
केके खंडेलवाल1988 बैचरिटायरमेंट- 31-07-2022
एल खियांग्यते1988 बैचरिटायरमेंट- 31-10-2024

 

जानिए उन अधिकारी को जो सालों से जमे हैं एक ही पद पर

हिमानी पांडेयः झारखंड के कल्याण विभाग की सचिव हिमानी पांडेय लंबे समय से अपने पद पर बनी हुई हैं. उन्होंने कल्याण विभाग के सचिव का पद 19 जून 2016 को संभाला था.

तब से लेकर आज तक करीब 3.5 साल से हिमानी पांडेय अपने पद पर बनी हुई हैं.

राहुल पुरवारः राहुल पुरवार ने 12 फरवरी 2015 को बतौर जेवीबीएनएल के एम़डी का पद संभाला था. उन्होंने एक पद पर रहते हुए साढ़े चार साल बिता दिये हैं.

केके सोनः वर्ष 2014 में रघुवर दास की सरकार बनते ही सरकार ने केके सोन को भू-राजस्व एवं निबंधन विभाग का सचिव बनाया था. वह तब से इसी पद पर बने हुए हैं.

पूजा सिंघलः आइएएस पूजा सिंघल करीब पांच साल से कृषि विभाग में ही पदस्थापित हैं. 28 मार्च 2017 को इन्होंने कृषि विभाग का पद संभाला. इससे पहले वह कृषि विभाग में ही विशेष सचिव के पद पर पदस्थापित थी.

सुनील कुमारः यूं तो सुनील कुमार भवन निर्माण विभाग के सचिव के तौर पर 9 फरवरी 2018 को पदस्थापित हुए. लेकिन इससे पहले वह इसी विभाग के भवन निर्माण निगम में एमडी के पद पर थे. अभी भी वह सचिव के साथ-साथ एमडी के प्रभार में हैं. वह इस पद पर पिछले चार साल से अधिक समय से बने हुए हैं.

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