
आने वाले समय में चेंबर को मजबूत करने की जरूरत पर किशोर मंत्री ने दिया बल
चेंबर चुनाव से पहले पूर्व उपाध्यक्ष्य किशोर मंत्री ने न्यूजविंग से की खास बातचीत
Ranchi: चेंबर का प्रभाव पिछले कुछ सालों से सरकार पर कम होता जा रहा है और यह स्पष्ट नजर आता है. इसका कोई विशेष मापदंड तो नहीं है, लेकिन अब चीजें बदल गयी है.
सरकारों और अधिकारियों पर चेंबर का प्रभाव काफी कम हो गया है. लोग चयनित होते हैं अपनी क्षमता से काम करते हैं. इसमें किसी का दोष नहीं. उक्त बातें फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एडं इंडस्ट्रीज के पूर्व उपाध्यक्ष किशोर मंत्री ने कही.
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न्यूज विंग के साथ विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस उर्जा के साथ यहां लोग काम करने आते हैं, वो उर्जा बनाये रखनी चाहिये और इसे आने वाले चुनाव में सही से इस्तेमाल करनी चाहिये.
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से देखा गया है कि चेंबर से जुड़ के लोग सही काम नहीं करते. सरकार और अधिकारियों से मिलते हैं, लेकिन काम नहीं निकाल पाते. सिर्फ बातें करते है.
आने वाले प्रतिनिधि चेंबर को मजबूत करें
इस दौरान उन्होंने कहा कि आनेवाले चुनाव में जरूरी है कि जो भी प्रतिनिधि चेंबर में चुने जायें, वो उद्यमियों और चेंबर सदस्यों का विश्वास जीत पायें. चेंबर को मजबूत करना भी काफी जरूरी है. लगातार चेंबर के महत्व में कमी आ रही है. जिससे उद्यमियों का विश्वास भी खोता जा रहा है.
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अपर बाजार, पंडरा बाजार, रांची के प्रमुख चौक चौराहे सभी जगह त्रस्त हैं, ऐसे में खरीददार कहां जायें. इन सब मुद्दों पर चेंबर को काम करना चाहिये. लेकिन पिछले कुछ सालों में इन मुद्दों पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया. सरकार से हमारी भी उम्मीद है.
पद के साथ अनुभव भी जरूरी
पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ चेंबर कार्यकारिणी में आ जाना काफी नहीं है. जिस उर्जा और वायदों की बात करके सदस्य पद पर आते हैं, उतना पिछले कुछ सालों में काम देखा नहीं गया. इसमें अनुभव की कमी भी देखी गयी. जिससे चेंबर की पद प्रतिष्ठा में कमी आयी.
अब आने वाले सदस्यों को इस पर ध्यान चाहिये. पिछले कुछ सालों में कई ऐसे पदासीन सदस्य रहें, जिन्होंने काफी अच्छा काम किया और सरकार से न सिर्फ जन सरोकार बल्कि उद्यमियों के हित पर फैसले भी लिये गये.
सिंगल विंडो सिस्टम राज्य में पूरी तरह फेल है. सरकार और चेंबर दोनों जानते है, ऐसे में इन मुद्दों को उठाना चाहिये था. व्यापारियों के लिये अटल वेंडर मार्केट की तरह की कोई व्यवस्था होनी चाहिये.
वहीं उन्होंने मोंमेटम झारखंड को पूरी तरह फेल बताया.
गौरतलब है कि आने वाले आठ सिंतबर को चेंबर चुनाव होना है. जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी है.
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