
Palamu: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमण से बचाव के लिए पलामू सिविल कोर्ट को भी बंद कर दिया गया है. 31 मार्च तक केवल जरूरी मामलों पर सुनवाई होगी. माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार और कोरोना वायरस के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है.
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इन मामलों में होगी सुनवाई
सिविल कोर्ट में केवल जरूरी मामले जैसे जमानत, अग्रिम जमानत, रिमांड के मामले ही सुने जाएंगे. बाकी सभी वाद चार अप्रैल के बाद सुने जाएंगे. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन के निर्देश पर इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी कर दिया गया है.
इस दौरान जेल परिसर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही बंदियों की पेशी होगी. गवाहों को अदालत में नहीं आने पर 31 मार्च तक कोई दंडनात्मक आदेश पारित नहीं होगा.
सूचिबद्ध मामले 4 अप्रैल के बाद सुने जायेंगे
18 मार्च से 31 मार्च तक सूचीबद्ध मामलों में सुनवाई के लिए 4 अप्रैल के बाद का समय दिया जाएगा और इस दौरान पूर्व में दिए गए अंतिम आदेश बरकरार रहेंगे. सिविल मामलों में अदालत की नोटिस रजिस्टर पोस्ट के जरिए भेजी जाएगी.
31 मार्च तक सिविल कोर्ट में मुवक्किलों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. लोक अदालत, मध्यस्थता व विधिक जागरुकता शिविर जैसे कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है.
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भीड़ को कंट्रोल करने के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात
अदालत परिसर में अच्छी तरह से साफ सफाई की व्यवस्था की गई है. सिविल कोर्ट के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के द्वारा बेवजह किसी को न्यायालय परिसर में जाने से रोका जा रहा है.

अधिवक्ता के माध्यम से मुवक्किलों की हाजरी लगायी जा रही है. व्यवहार न्यायालय के मुख्य गेट के पास सुरक्षाबलों ने पूरी तरह कमान संभाल रखी है.
अर्जेंट मामले की सुनवाई के लिए सूचना प्रकाशित
अर्जेंट मामले की सुनवाई के लिए सूचना प्रकाशित कर दी गई है. इस कारण भीड़-भाड़ वाले कचहरी परिसर में सन्नाटा पसर गया है. इक्के दुक्के वकील व मुवक्किल ही न्यायालय में कार्य करते व करवाते दिखे.
अधिवकता संघ परिसर में मुवक्किलों की पूर्व की भांति काफी भीड़ रही. लोग अपने-अपने वकील से अपने अपने मामले में पूछताछ करते दिखे.
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