NEWSWING
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

UPA शासनकाल में PM के PS रहे सीनियर IAS का भी झारखंड से मोह भंग

10,242

Akshay/Ravi

Ranchi: झारखंड से आईएएस अधिकारियों का जाना बदस्तूर जारी है. करीब 15 आईएएस अधिकारियों ने दिल्ली जाने का मन बना लिया है. इनमें से 11 के दिल्ली जाने की सारी कागजी कार्रवाई भी पूरी हो गयी है. कुछ चले गए कुछ ने जाने की तैयारी पूरी कर ली है. चार ऐसे आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए आवेदन दे दिया है.

जानें आखिर क्यों झारखंड से किनारा कर रहे आईएएस अधिकारी
अब एक अपर सचिव रैंक के अधिकारी ने भी दिल्ली जाने के लिए सीएमओ को आवेदन कर दिया है. नाम है इंदू शेखर चतुर्वेदी. बता दें कि आईएएस अधिकारी इंदू शेखर चतुर्वेदी फिलवक्त मेंबर बोर्ड ऑफ रेवन्यू और अतिरिक्त प्रभार में वन्य एवं पर्यावरण विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं. इंदू शेखर चतुर्वेदी 1987 बैच के अधिकारी हैं.

इसे भी पढ़ेंःIAS, IPS और टेक्नोक्रेटस छोड़ गये झारखंड, साथ ले गये विभाग का सोफासेट, लैपटॉप, मोबाइल,सिमकार्ड और आईपैड

IASअधिकारी के अलावा क्या है इनकी पहचान

आईएएस अधिकारी के अलावा इंदू शेखर चतुर्वेदी की ब्यूरोक्रेसी में अपनी एक अलग पहचान है. भले ही एनडीए की सरकार में वो एक सेंटिंग पोस्ट कहे जाने वाले पद की शोभा बढ़ा रहे हों. वैसे यूपीए की सरकार में इनका कद काफी बड़ा था. इंदू शेखर चतुर्वेदी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के शासनकाल में उनके काफी करीबी थे. वो पीएम के पर्सनल सेक्रेटरी पद पर दस सालों तक रहे.

केंद्र में रहते हुए इंदू शेखर चतुर्वेदी ने कई अहम फैसला लेने में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार के तौर पर काम किया. इन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए फाइल सीएमओ को बढ़ा दी है. लेकिन खबर है कि सीएमओ इनके फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहा है. लेकिन संभवतः एक हफ्ते में सीएमओ की तरफ से इन्हें हामी मिल जाएगी.

इसे भी पढ़ें- घुटन में माइनॉरटी IAS ! सरकार पर आरोप- धर्म देखकर साइड किए जाते हैं अधिकारी

madhuranjan_add

आखिर क्यों नहीं भा रहा IAS अधिकारियों को झारखंड

आईएएस अधिकारियों के लगातार दिल्ली रुख करने को लेकर एक सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों आईएएस अधिकारियों को झारखंड नहीं भा रहा है. क्यों एक के बाद एक सीनियर अधिकारी दिल्ली का रुख कर रहे हैं. इतना ही नहीं, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात झारखंड कैडर के आईएएस अफसर बुलाने पर भी वापस नहीं आ रहे हैं.

डॉ स्मिता चुग को कई बार रिमांइडर भेजा गया, लेकिन उन्होंने झारखंड में योगदान नहीं दिया. जबकि उनकी पांच साल की प्रतिनियुक्ति की सीमा समाप्त हो चुकी है. इसी तरह राजीव कुमार और बीके त्रिपाठी भी झारखंड कैडर में आने को तैयार नहीं हैं. सीएस की कुर्सी पर भी दावेदारी इस बार ऐसे किसी आईएएस अधिकारी की नहीं है, जो दिल्ली में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हो. दबे जुबान से राजीव कुमार का नाम कभी-कभी लिया जाता है. लेकिन खबर यह है कि उन्हें भी झारखंड में दिलचस्पी नहीं है.

इसे भी पढ़ेंःNEWSWING IMPACT : शौचालय निर्माण घोटाले पर सीएम सचिवालय ने मांगी लाभुकों की लिस्ट

सीनियोरिटी और काबलियत के बावजूद सीएस की दौड़ में भी नहीं

इंदू शेखर चतुर्वेदी अपर मुख्य सचिव के पद के अधिकारी हैं. वो सीएस बनने की सारी आहर्ता के साथ-साथ काबलियत भी रखते हैं. लेकिन सिंतबर महीने में सीएस सुधीर त्रिपाठी के रिटायरमेंट के बाद नए सीएस बनने की दौड़ में कहीं भी इंदू शेखर का नाम नहीं है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री कार्यालय में एक अहम पद पर दस सालों तक अपनी सेवा देने वाले इंदू शेखर चतुर्वेदी सीएस की भूमिका नहीं निभा सकते ?

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Averon

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: