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#Palamu: सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण संबंधी निर्णय के विरोध में 23 फरवरी को भारत बंद 

Palamu: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ 23 फरवरी को भारत बंद बुलाया गया है. एक दर्जन संगठनों ने सर्वोच्च न्यायालय के आरक्षण संबंधी फैसले का विरोध करते हुए बंद की तैयारी की है. बंद को व्यापक बनाने की तैयारी की गयी है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि प्रमोशन में आरक्षण न तो मौलिक अधिकार है, न ही राज्य सरकारें इसे लागू करने के लिए बाध्य हैं.

बंदी में इनकी रहेगी सहभागिता

एससी-एसटी, ओबीसी माइनॉरिटी एकता मंच, झारखंड क्रांति मोर्चा, भीम आर्मी, भाकपा माले, झारखंड राज्य दिहाड़ी मजदूर यूनयिन, इप्टा, जनसंग्राम मोर्चा, आईसा, झारखंड जेनरल मजदूर यूनियन, प्रगतिशील लेखक संघ, बहुजन क्रांति मोर्चा, तंजीमुल अंसार कमिटी एवं बहुजन समाजवादी पार्टी ने बंदी की तैयारी की है.

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आठ वर्ष पहले उतराखंड में लाया गया था फैसला

एससी-एसटी, ओबीसी माइनॉरिटी एकता मंच की ओर से बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण विरोधी फैसले के खिलाफ यह बंदी बुलायी गयी है.

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि एससी, एसटी व ओबीसी को राज्य में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए राज्य सरकार पर निर्भर करता है.

मंच की ओर से बताया गया कि यह मामला 5 सितंबर 2012 को उतराखंड सरकार के द्वारा राज्य सरकार की नियुक्तियों में लाया गया था, जिसका विरोध किया गया और वह मामला उतराखंड हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में चलाया गया था.

आरक्षण को बताया मौलिक अधिकार

मंच ने कहा कि इस फैसले का एससी, एसटी व ओबीसी समाज विरोध करता है. भारत के संविधान में आरक्षण मौलिक अधिकार है.

आरक्षण कोई भीख नहीं, बल्कि जन्मसिद्ध अधिकार है. अपने अधिकार को गांधीवादी तरीके से लेकर रहेंगे.

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बंदी को सफल बनाने में ये लोग जुटे हैं

बंद को सफल बनाने में एससी-एसटी ओबीसी माइनॉरिटी एकता मंच के जिला संयोजक रवि पाल के अलावा झारखंड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघन कुमार शत्रु, भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष डॉ वीरेन्द्र बौद्ध, भाकपा माले के राज्य सदस्य रविन्द्र भुइयां, झारखंड राज्य दिहाड़ी मजदूर यूनियन के राज्य सचिव राजीव कुमार, ईप्टा के प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र मिश्रा, प्रेम प्रकाश व राजीव रंजन, जनसंग्राम मोर्चा के बृजनन्दन मेहता, आइसा की जिलाध्यक्ष दिव्या भगत, झारखंड जेनरल मजदूर यूनियन के जिला संयोजक सरफराज आलम, भाकपा माले के अनिल मिस्त्री, दिहाड़ी मजदूर यूनियन के गौतम, प्रगतिशील लेखक संघ के शब्बीर अहमद, बहुजन क्रांति मोर्चा के जिला संयोजक श्याम नारायण राम भुईयां, तंजीमुल अंसार कमिटी के अध्यक्ष अशफाक अहमद, सेराज अंसारी व नसीम अहमद एवं बहुजन समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष निरंजन राम उर्फ आशोक जुटे हुए हैं.

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