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कल से खुलेंगे स्कूल, प्रिंसीपल को देना होगा साफ-सफाई का प्रमाण

नौ लाख बच्चे पहुंचेंगे स्कूल

Ranchi: एक मार्च से आठवीं, नौवीं और 11वीं के करीब नौ लाख छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचेंगे. खुलने वाले 14114 सरकारी स्कूलों में ही नेतरहाट आवासीय विद्यालय, इंदिरा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय समेत कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालय भी शामिल हैं. स्कूल खुलने से पहले झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेपीसीसी) ने सभी जिलों को साफ-सफाई के अलावा इन चीजों को अमल में लाने का निर्देश दिया है.

विभाग द्वारा जारी निर्देश

-स्कूल खुलने से पहले स्कूलों की साफ-सफाई कर उसकी फोटो विभाग को भेजना अनिवार्य होगा.जिससे यह पता चले कि वाकई में साफ-सफाई हुई है या नहीं.

-स्कूलों को खोलने से पहले स्कूल भवनों में कई जगहों पर कोरोना से बचाव संबंधी जानकारियां लिखकर चिपकाना होगा और स्कूलों में छात्र-छात्राओं को कोरोनावायरस का से संबंधित तैयार किए गए वीडियो को भी दिखाया जाएगा. इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत बच्चों को चिकित्सीय सुविधा देने की भी तैयारी स्कूल स्तर से करना होगा.

 कोताही बरती तो होगी कार्रवाई

अगर इस तरह की कोताही बरती जाती है तो विभाग की ओर से स्कूल पर कार्रवाई की जा सकेगी. साफ-सफाई के लिए कमरों की संख्या के अनुसार सरकार की ओर से राशि उपलब्ध करायी जाएगी. फिलहाल स्कूलों को विकास अनुदान मद से खर्च करना होगा.

स्कूलों में नहीं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

फिलहाल, स्कूलों में सिर्फ पढ़ाई होगी, इसके अलावा कोई भी एक्टीविटी नहीं कराया जाएगा. स्कूल आने से पहले छात्रों को अपने अभिभावकों से अनुमति पत्र लेकर आना होगा. स्कूलों में किसी तरह के कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे.

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इस संबंध में परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शैलेश कुमार चैरसिया ने सरकारी स्कूलों को खोलने को लेकर सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों व जिला शिक्षा निदेशकों को निर्देश दे दिए हैं. यह भी कहा गया है कि क्वारंटाइन सेंटर के रूप में उपयोग में लाए गए स्कूल विशेष साफ-सफाई के बाद ही खुलेंगे. इसके लिए उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन समिति से अनुरोध करने को कहा है. साथ ही ऐसे सभी स्कूलों की सूची गूगल शीट पर राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है.

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ध्यान रहे,दो छात्रों के बीच की दूरी छह फीट हो

स्कूल परिसर के आसपास के क्षेत्र के साथ-साथ खेल के मैदान के अगल-बगल भी सेनेटाइजेशन किया जाएगा. वैसे स्कूल जो कोरंटाइन सेंटर के रूप में उपयोग किए गए थे, वहां जिला प्रशासन या जिला आपदा प्रबंधन समिति की ओर से विशेष साफ-सफाई कराई जाएगी. जेपीसीसी ने स्पष्ट कहा है कि क्लास में बेंच और डेस्क को इस प्रकार रखा जाए कि दो छात्रों के बीच की दूरी छह फीट निश्चित हो. स्कूलों में फिजिकल डिस्टेंस का पालन अनिवार्य रूप से हो इसके लिए स्कूल प्रवेश द्वार भोजनालय व अन्य स्थानों पर भी सर्कल बनाया जाए. स्कूल में शौचालय भोजनालय समेत हाथ धोने के स्थान पर साबुन या हैंड वॉश की व्यवस्था की जाए. शिक्षक छात्र छात्राओं को समय-समय पर हाथ धोने के लिए प्रेरित करें.

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