
Ranchi: दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी और बहुमत वाली झारखंड सरकार इन दिनों अपने ही मंत्री से परेशान है. परेशानी की वजह मंत्री सरयू राय का भ्रष्टाचार का आरोप और सरकार का कुंभकरण की नींद में सोना है. बात रांची से निकल दिल्ली पहुंच गयी है. उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक अपनी बात रखी है. एक चिट्ठी के जरिए झारखंड में चल रही सारी चीजों की जानकारी पार्टी अध्यक्ष को देने की कोशिश की है. उनकी चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल है. तमाम अखबारों में खबर छप रही है. इसी बीच पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सरयू राय के बारे में न्यूज विंग से अपना बयान साझा किया है. उन्होंने साफ तौर से कहा है कि सरयू राय जिस तरीके से सरकार और पार्टी से जुड़ी चीज मीडिया ट्रायल के जरिए ला रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है.
कई जगह हैं अपनी बात रखने की, मीडिया ट्रायल क्यों ?
प्रतुल शाहदवे ने कहा कि इस बात को समझना चाहिए कि पार्टी अनुशासन से चलती है. कैडर बेस्ड पार्टी है. बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, तो कुछ लोगों के बीच आपस में मतभेद हो सकता है. लेकिन सरयू राय और सरकार के बीच जो भी कुछ लगातार चल रहा है, इसे मैं दुर्भाग्यपूर्ण मानता हूं. पार्टी में बहुत सारे फोरम हैं. जहां आप अपनी बात और शिकायत रख सकते हैं. प्रदेश प्रभारी हैं, राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. ऐसे कई जगह हैं, जहां आप अपनी बात रख सकते हैं. लेकिन मीडिया के जरिए संवाद ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चिट्ठी पढ़ी नहीं और अखबार में बात आ गयी
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि ये कैसे संभव है कि मंत्री सरयू राय दिल्ली से रांची पहुंचे नहीं है और उनकी चिट्ठी मीडिया में आ गयी. मंत्री जी ने जो भी चिट्ठी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखी है, वो बहुत ही संवेदनशील मामला है. ऐसे संवेदनशील मामलों का इस तरीके से मीडिया ट्रायल आखिर कैसे जायज हो सकता है. राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखी बातें मीडिया तक पहुंच जाती हैं, वो भी राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचने से पहले. तो कहना बिलकुल सही होगा कि यह परंपरा बीजेपी की नहीं है. बीजेपी में मंडल अध्यक्ष से लेकर तमाम अधिकारी अपनी बात उचित प्लेटफॉर्म पर रखते हैं. सभी की बात सुनी जाती है. पूरी पार्टी अनुशासन के तहत रहती है. ऐसे मामलों का मीडिया ट्रायल नहीं कराना चाहिए.
सरयू राय एक सीनियर लीडर, सरकार हर बात का संज्ञान लेती है
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव का कहना है कि सरयू राय एक सीनियर लीडर है. उनकी हर बात को सरकार गंभीरता से लेती है. कई ऐसे मामले हैं, जिन्हें सरकार ने गंभीरता से लिया भी है. मीडिया के अलावा कई विकल्प हैं, उनके पास सही तरीके से उठाने का. लेकिन मीडिया के जरिए ऐसा करना कही से भी उचित नहीं कहा जा सकता. पार्टी ने इस मुद्दे पर काफी पैनी नजर रखी हुई है. मैं ही नहीं बल्कि पार्टी इस पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण मानती है. बीजेपी में अपनी बात रखने की पूरी छूट है और बातों को उठाना चाहिए. लेकिन इसका मीडिया ट्रायल हो यह सही नहीं है.
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