
Latehar: लातेहार जिला के गारू रेफरल अस्पताल में बुधवार को कोरोना जांच को लेकर लापरवाही की बात सामने आई थी. यहां 1 हजार 358 ट्रूनेट किट और 452 आरटी-पीसीआर किट का सैंपल पांच महीने से पड़ा था. गुरुवार को एसडीएम नित निखिन सुरीन जब जांच के लिए गारू रेफरल अस्पताल पहुंचे तो और बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया. जांच के दौरान वहां पांच महीने पुराना सैंपल नहीं मिला.
बता दें कि ये सैंपल बुधवार तक अस्पताल परिसर में ही रखा गया था. हालांकि, जब एसडीएम जांच के लिए पहुंचे तो सैंपल स्टोर से गायब थे. पूछताछ में स्वास्थ्य कर्मियों ने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की.
इतना तो तय है कि सैंपल गायब किया गया है. मगर, इसमें किसका हाथ है फिलहाल इसका खुलासा नहीं हुआ है. एसडीओ के जाने के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नीतू कुमारी ने स्वयं को बचाने के मकसद से मामले में मार्ग निर्देशन मांगने वाले बंदुआ एमपीडब्ल्यू मनोज प्रसाद व बाढेसाढ के एमपीडब्ल्यू संतोष कुमार से स्पष्टीकरण की मांग कर दी. उन्हें 24 घंटो में प्रतिवेदन जमा करने का निर्देश भी दिया गया है.
जारी स्पष्टीकरण में लिखा गया है कि वैश्विक महामारी में सरकारी संस्थान की गोपनीयता मीडिया को उपलब्ध कराना सरकारी संस्थान की गोपनीयता की भंग होने की साजिश प्रतीत होती है. उन्होंने अपने लेटर में यह भी लिखा है कि आप दोनों किस माध्यम से 1810 किट सैंपल प्राप्त की थी. यह आपके द्वारा प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल करने की सोची समझी साजिश प्रतीत होती है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि ससमय प्रतिवेदन नहीं आने पर आपदोनों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई हेतु उच्च अधिकारियों के पास अनुशंसा कर दी जाएगी.




