
Ranchi: राजधानी में इन दिनों कोरोना महामारी तेजी से फैली है. इससे लड़ाई के लिए हेमंत सरकार ने रांची नगर निगम को 11.80 करोड़ रूपये दी है. यह मदद वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए है.
दूसरी ओर रांची की मेयर आशा लकड़ा पिछले कई दिनों से आरोप लगा रही है कि पेयजल संकट से बचने के लिए नगर निगम ने नगर विकास विभाग से जो 19.77 करोड़ रुपये मांगी थी, उसे हेमंत सरकार ने रोक दिया है.
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मेयर के इस आरोप का सच यह है कि नगर निगम ने 19.77 करोड़ रुपये की मांग तब की थी, जब राज्य में रघुवर दास की सरकार थी. रांची के विधायक सीपी सिंह तब नगर विकास मंत्री हुआ करते थे. रघुवर सरकार ने अपने कार्यकाल में राशि देने के नगर निगम के प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं लिया था. वित्तीय वर्ष 2018-19 में नगर निगम ने दो बार पत्र लिखकर सरकार से 19.77 करोड़ की मदद मांगी थी. लेकिन तत्कालीन रघुवर सरकार और विभागीय मंत्री सीपी सिंह के स्तर से कोई फैसला नहीं लिया गया था.
यहां गौर करने वाली बात यह है कि जब तक झारखंड में रघुवर दास की सरकार रही, तब तक मेयर आशा लकड़ा ने शायद ही सार्वजनिक तौर पर राशि की मांग की.
नगर आयुक्त गत दो फरवरी 2010 को नगर विकास को एक पत्र लिखा था. जिसकी प्रति न्यूज विंग के पास उपलब्ध है. पत्र से यह साफ है कि 19.78 करोड़ रूपये के प्रस्ताव को लेकर तत्कालीन सरकार को दो बार चिट्ठी लिखी गयी थी. लेकिन राशि उस समय भी नहीं दी गयी.
हेमंत सरकार ने गत मंगलवार को रांची नगर निगम को नागरिक सुविधा मद से करीब 11.80 करोड़ रूपये देने का फैसला किया है. वहीं पेयजल संकट के लिए करीब 44.56 लाख रूपये की अतिरिक्त मदद भी दी जा रही है.
रघुवर सरकार ने नहीं दी थी राशि, जानकारी नगर आयुक्त के पत्र से मिली
रांची नगर निगम, अपने उपभोक्ताओं से वाटर यूजर चार्ज में एक बड़ी राशि वसूलता था. लेकिन अक्टूबर 2018 को तत्कालीन मुख्य सचिव के निर्देश के बाद शहरी जलापूर्ति का संचालन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा किया जा रहा है. उसके बाद से निगम द्वारा वसूली जा रही वाटर यूजर की राशि विभाग को दी जा रही है. इससे निगम की जल बोर्ड शाखा के पास वित्तीय संकट खड़ा हो गया था.
वर्तमान नगर आयुक्त मनोज कुमार ने फरवरी माह के अंत में सरकार को पत्र लिख पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राशि नहीं देने की जानकारी दी थी. साथ ही राशि की मांग भी की थी. उन्होंने बताया था कि निगम ने तत्कालीन रघुवर सरकार से दो बार राशि मांगी गई थी.
यह राशि मार्च 2018 (वित्तीय वर्ष 208-19) और जून 2019 (वित्तीय वर्ष 2019-20) के लिए क्रमशः 11.13 करोड़ और 9.02 करोड़ रुपये थी. लेकिन दोनों ही बार निगम को विभाग से निराशा हाथ लगी थी.
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हेमंत सरकार ने निगम को दी 11.80 करोड़ रूपये की मदद
राजधानी में कोरोना संकट को देख हेमंत सोरेन सरकार के आदेश के बाद नगर विकास विभाग ने निगम को करीब 11.80 करोड़ रूपये की आर्थिक मदद दी है. यह मदद तीन श्रेणियों में दी गयी है.
वित्तीय वर्ष 2020-21 के तहत विभाग ने राज्य के कुल 8 शहरी निकायों को नागरिक सुविधा मद अंतर्गत TSP प्रक्षेत्र से कुल 21.15 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की है. इसमें रांची नगर निगम को 10.85 (10,85,24,871) करोड़ रुपये दिये गये हैं.
वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य के 17 शहरी स्थानीय निकायों को नागरिक सुविधा मद अंतर्गत SCSP प्रक्षेत्र से कुल 3.33 करोड़ रूपये की राशि दी गयी है. इसमें निगम को 51.78 (51,78,225) लाख रुपये दिये गये हैं.
वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य के कुल 4 नगर निगमों को पेयजल तथा मल-जल सफाई के लिए कुल 1.19 करोड़ की आर्थिक मदद दी गयी है. इसमें रांची नगर निगम को कुल 44.56 (44,56,934) लाख रूपये मिले है.
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