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मोदी के संदेश पर RJD नेता का तंज, कहा- PM के पास इस विपत्ति से लड़ने की न दृष्टि, न कोई योजना

Ranchi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार सुबह जारी देश के नाम विडियो संदेश पर बिहार के राजद नेता शिवानंद तिवारी ने तंज किया है. उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री के भाषण ने बहुत निराश किया. इस भाषण में ठोस कुछ भी नहीं था.

शब्दों का आडंबर रचने में हमारे प्रधानमंत्री जी को महारत हासिल है. आज के भाषण में प्रधानमंत्री जी ने उसी का प्रदर्शन किया. कहा जा सकता है कि देश ने आज प्रधानमंत्री जी का भाषण नहीं बल्कि उनका प्रलाप सुना. इस भाषण से स्पष्ट हो गया कि प्रधानमंत्री जी के पास इतनी बड़ी विपत्ति से लड़ने की न तो कोई दृष्टि है और न कोई योजना.

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…तो देश को संबोधित ही नहीं किया होता

शिवानंद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने गरीबों का नाम तो लिया. लेकिन गरीबों का जीवन कैसे चलेगा? रोज कमाने खाने वाले लोग अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे? सरकार के पास उनके लिए क्या योजना है? इसकी कोई चर्चा प्रधानमंत्री जी के भाषण में नहीं थी.

ऐसे करोड़ों लोगों को प्रधानमंत्री जी के भाषण ने निराश किया होगा. उन्होंने जोर दिया कि सोशल डिस्टेंसिंग को हर हालत में कायम रखना है. लेकिन झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों का पूरा परिवार एक ही कमरे में गुजर-बसर करता है ऐसे में वे लोग सोशल डिस्टेंसिंग को कैसे बनाए रखेंगे?

इसका कोई जिक्र प्रधानमंत्री जी के भाषण में नहीं था. जब प्रधानमंत्री जी के पास भविष्य के लिए कोई ठोस योजना नहीं थी तो वैसी हालत में बेहतर होता कि प्रधानमंत्री जी ने देश को संबोधित नहीं किया होता.

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क्या है पीएम मोदी के वीडियो संदेश में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह देशवासियों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया. इस संदेश में उन्होंने देश की जनता से कहा कि इस रविवार यानी 5 अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है. उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है.

इस पांच अप्रैल को हमें 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है. 130 करोड़ लोगों के महासंकल्प को नयी ऊंचाईयों पर ले जाना है. 5 अप्रैल को रात नौ बजे घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे या बालकनी में खड़े होकर नौ मिनट तक मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलायें.

उन्होंने आगे कहा कि उस समय यदि घर की सभी लाइटें बंद करेंगे तो चारों तरफ जब हर व्यक्ति एक-एक दीया जलायेगा. तब प्रकाश की उस महाशक्ति का अहसास होगा, जिसमें एक ही मकसद से हम सब लड़ रहे हैं, ये उजागर होगा.

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