
Ranchi: नक्सली संगठन माओवादी 12 से 21 फरवरी तक 10 दिवसीय प्रतिरोध दिवस मना रहा हैं. यह विरोध झारखंड को माओवादी मुक्त करने के नाम पर कार्रवाई को लेकर है. इस संबंध में नक्सलियों के बिहार झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी के प्रवक्ता बादल ने प्रेस नोट जारी किया है.
जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि केंद्र सरकार और राज्य की हेमंत सरकार के निर्देश पर झारखंड को माओवादियों से मुक्त कराने के बहाने पुलिस द्वारा अभूतपूर्व बर्बर पुलिस हमले और आदिवासी मूलनिवासियों पर अघोषित युद्ध के खिलाफ 12 से 21 फरवरी तक 10 एक दिवसीय प्रतिरोध दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है. आगे कहा है कि पारसनाथ को जैनियों का तीर्थ स्थल घोषित कर पूरे पारसनाथ के चारों ओर क्षेत्र में कब्जा करने के लिये उसके अंदर मुर्गा-बकरा आदि की बलि देने पर प्रतिबंध लगाने गैर जैनियों को घुसने पर प्रतिबंध लगाने की योजना एक साजिश के तहत सदियों हजारों वर्षों से वास करते आ रहे आदिवासियों को खदेड़ने और कॉर्पोरेट घरानों को कब्जा दिलाने की सुनियोजित योजना का ही अभिन्न हिस्सा है.
झारखंड की हेमंत सरकार केंद्र सरकार के साथ सुर में सुर मिलाकर आदिवासियों को जल-जंगल-जमीन से बेदखल करने के अभूतपूर्व बर्बर पुलिसिया हमले पर न सिर्फ चुप है, बल्कि सहयोग कर रही है. प्रवक्ता बादल ने लोगों से अपील की है कि कोल्हान के आदिवासी मूलनिवासियों पर बर्बर पुलिस हमले और असंवैधानिक अन्यायपूर्ण युद्ध के खिलाफ एकजुट होकर स्पेशल एरिया कमेटी द्वारा आहूत इस प्रतिरोध दिवस को सफल बनायें. व्यापक रुप से प्रचार प्रसार कर जनता को पुलिस कैंप के खिलाफ गोलीबारी से बचने के लिये सचेत करते हुए जागरुक करें.
यहां पढ़ें प्रेस रिलीज
Resistance Day of Naxalites from 12 to 21 February
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