
Chakradharpur: मम्मा की विशेषता कों आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्चा श्रद्धासुमन होगा. उक्त बातें मधुसूदन महतो उच्च विद्यालय के सहायक प्रधानाध्यापक बसंत महतो ने कहीं. वे शुक्रवार को स्थानीय ब्रह्माकुमारीज पाठशाला परिसर में आयोजित मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती के स्मृति दिवस कार्यक्रम में बोल रहे थे. महतो ने कहा कि वास्तव में यहां दिव्यता का अनुभव होता है . काश ऐसा ही माहौल पूरे क्षेत्र में रहे. यह यह भी सच है कि खुद बदलने से ही समाज में बदलाव होता है . उन्होंने कहा कि जिस काम में कठिनाई न हो वह काम क्या है.
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज पाठशाला प्रभारी डॉ (बीके) मानिनी ने कहा कि हर घड़ी अंतिम घड़ी है और हुक़्क़मी हुक़्क़म चला रहा है का पाठ पक्का करो . मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती ने इन्ही बातों को पक्का किया. सरकारी शिक्षिका यशोदा महतो ने कहा कि समस्या का समाधान जरूर होता है, इसके चाहिए मन की दृढ़ता . इसके पूर्व पाठशाला प्रभारी डॉ मानिनी ने आज की मुरली व मम्मा की विशेषता पर प्रकाश डाला. तत्पश्चात मम्मा की तस्वीर पर सभी ने श्रद्धासुमन अर्पण किया. कार्यक्रम में वीणा, संगीता, गीता, पुतुल, सत्यवामा, सुशीला, रीता, रामभरत समेत दर्जनों राजयोग प्रशिक्षु शामिल हुए.




