
Ranchi: झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा है कि केन्द्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य उपकरणों पर लगने वाले जीएसटी शून्य प्रतिशत करने की राज्यों की मांग को केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अनसुना कर दिया. इस पर विचार नहीं किया गया.
डॉ उरांव आज केन्द्रीय वित्त मंत्री डॉ निर्मला सीतारमण की आध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में झारखंड सरकार की ओर से अपनी बात रखते हुए कहा पिछले सौ वर्षों में ऐसी महामारी नहीं देखी गयी.
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ऐसे में ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर,पल्स ऑक्सीमीटर,दवाईयाँ समेत अन्य सभी प्रकार के स्वास्थ्य उपकरणों पर जीएसटी शून्य प्रतिशत करने का आग्रह 28 मई की बैठक में अनुरोध किया गया था और इस प्रकार की मांग गैर भाजपा शासित 9 प्रदेशों ने भी की थी.
केन्द्रीय वित्त मंत्री ने सात मुख्यमंत्रियों के ग्रुप आफ मिनिस्टर की टीम बनाई थी जिसमें ज्यादातर भाजपा के मुख्यमंत्री थे जिसके आलोक में राज्यों की मांग को नकारते हुए 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने का निर्णय लिया गया.
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वित्त मंत्री ने कहा कोविड-19 को देखते हुए इससे जुड़ी हुई दवाइयां, स्वास्थ उपकरण एवं अन्य किसी भी सामग्री पर 5% का जीएसटी भी लगाना सर्वथा अनुचित है. देश की जनता के साथ विश्वासघात है.
कोविड-19 संक्रमण के उपरांत जीएसटी लगाए जाने पर विचार किया जा सकता था. परंतु अभी के दौर में जीएसटी लगाना केंद्र सरकार की निरंकुशता को दर्शाता है. देश की जनता केंद्र सरकार के इस जनविरोधी नीति को कतई बर्दाश्त नहीं कर सकती है.
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