West Bengal

रानीगंज : पिता की फटकार के बाद घर से निकला था युवा व्यवसायी, तीन दिन बाद दामोदर नदी में मिला शव

Raniganj : शहर के एतवारी मोड़ के निवासी सह चीनी व्यवसायी अरुण सर्राफ के लापता 27 वर्षीय पुत्र आयुष सर्राफ का शव गुरुवार को मेजिया स्थित दामोदर नदी से स्थानीय थाना पुलिस ने बरामद किया.

ज्ञात हो कि तीन दिन पहले आयूष की गुमशुदगी की शिकायत उसके परिजनों ने रानीगंज थाना में दर्ज कराई थी. उसके शव मिलने से परिजनों तथा रिश्तेदारों में भारी शोक है.

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पिता ने डांटा था

आयुष काफी शांत एवं हंसमुख स्वभाव का युवक था. तीन दिन पहले किसी बात पर उसके पिता ने उसे फटकार लगायी थी. पिता की डांट को उसने दिल पर ले लिया था. इसके बाद वह घर से लापता हो गया. गुरुवार को मेजिया पुलिस ने उसके शव को पानी में तैरता देखकर शव को कब्जे में किया.

जांच के दौरान उसके आयुष होने की सूचना मिली. मृतक के परिजनों को इसकी जानकारी दी गयी. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दावा किया कि उसने दामोदर नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली.

मृतक के पिता अरुण सर्राफ ने बताया कि उसका पुत्र तीन दिन पहले जब डांट सुनकर घर के बाहर निकला तो थोड़ी देर बाद उन्होंने अपने पुत्र के मोबाइल फोन पर फोन करके पूछा कि वह कहां है?  बेटे ने कहा कि घर के आस-पास ही है. थोड़ी देर में लौट आयेगा.

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गुमशुदगी की शिकायत दर्ज थी

देर रात तक बेटे के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों  ने रानीगंज थाना में बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि किसी बात पर मामूली से डांटने पर  उसका पुत्र इतना बड़ा निर्णय ले लेगा.

स्थानीय लोगों के अनुसार आयुष ने आत्महत्या करने से पहले अपनी बहन के मोबाइल फोन पर मैसेज लिख कर भेजा था. उसने कहा था कि मम्मी-पापा का ख्याल रखना.

गुरुवार की दोपहर को आयूष की मौत की खबर आने से पूरे इलाके में शोक फैल गया. मृतक अविवाहित था.  उसकी माध्यमिक शिक्षा रानीगंज डीएवी स्कूल तथा उच्च माध्यमिक दुर्गापुर डीएवी एवं बीकॉम की डिग्री कोलकाता भवानीपुर कॉलेज से थी.

व्यवसाय में देता था पिता का साथ

चीनी के थोक व्यवसाय में वह अपने पिता का साथ देता था. ग्राहकों के साथ काफी प्यार मोहब्बत के साथ उनका बर्ताव होता था. रानीगंज के एतवारी मोड़ के समीप उनका घर एवं नीचे चीनी के थोक व्यवसाय का ऑफिस है.  वह अपने घर का अकेला पुत्र था.  उसके चाचा का भी कोई पुत्र नहीं था जिसके  कारण वह घर का दुलारा था.

मेजिया पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए बांकुड़ा जिला अस्पताल भेजा. मृतक के मामा आसनसोल के उद्योगपति पवन गुटगुटिया ने कहा कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतना शांत  एवं बुद्धिमान स्वभाव वाला उसका भांजा आत्महत्या करने का निर्णय ले लेगा.

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