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#Notebandi के अगले दिन मौखिक आदेश से बंद करवा दिये थे राज्य की सीमाओं पर बने सभी चेक पोस्ट, वजह नहीं बता पा रही सरकार

Akshay Kumar Jha

Ranchi : 8 नवंबर 2016 की रात नोटबंदी के ऐलान के अगले दिन जब देश में ‘आर्थिक भूचाल’ की स्थिति थी, झारखंड की भाजपा सरकार ने भी एक बड़ा और विवादास्पद फैसला लिया था जिससे राज्य को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ.

सरकार के वाणिज्य कर (सेल्स टैक्स) विभाग के तत्कालीन सचिव ने 9 नवंबर को दिन के 1:30 बजे मौखिक आदेश देकर दूसरे राज्यों से सटने वाले सभी 10 चेक पोस्ट बंद करा दिये थे.

सवाल अब भी बना हुआ है कि नोटबंदी के बाद ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि लिखित के बजाय मौखिक आदेश से ही चेकपोस्ट बंद करा दिये गये.

बता दें कि मौखिक आदेश की तामील करीब दो महीने हुई और 10 जनवरी 2017 को लिखित आदेश से सभी चेक पोस्ट को खोल दिया गया.

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सीएम से शिकायत हुई तो शिकायतकर्ता से ही मांगे गये साक्ष्य, फाइल बंद

मौखिक आदेश से चेक पोस्ट बंद किये जाने को लेकर देवघर निवासी विष्णुकांत झा ने मुख्यमंत्री रघुवर दास से शिकायत की तो कार्रवाई के नाम पर उन्हीं से विभाग ने सबूत की मांग कर दी और अंततः फाइल बंद कर दी गयी.

जब मामले में कार्रवाई की जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत मांगी गयी तो तो वाणिज्यकर विभाग ने शिकायतकर्ता को लिखा, “मामले में शिकायतकर्ता विष्णुकांत झा से साक्ष्य मांगे गये लेकिन शिकायतकर्ता ने किसी तरह के साक्ष्य शपथ पत्र के माध्यम से उपलब्ध नहीं कराये. शपथपत्र के माध्यम से उन्हें साक्ष्य देने के लिए दोबारा अवसर दिया गया. लेकिन उन्होंने पत्र लेने से ही इंकार कर दिया. शिकायत के आलोक में शाखावार करायी गयी जांच में आरोप बेबुनियाद, निराधार, तथ्यहीन और बड़े अधिकारी की छवि खराब करने के उद्देश्य से लगाये जा रहे हैं. ऐसी स्थिति में फाइल को बंद किया जा रहा है.”

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जिस विभाग की शिकायत, वही कर रहा था जांच

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जब विभाग में सारे साक्ष्य मौजूद हैं तो कौन से सबूत शिकायतकर्ता से मांगे जा रहे थे.

आखिर कैसे, जिस विभाग की शिकायत की गयी है वो ही विभाग मामले की जांच कर रहा था.

इस मामले से जुड़े सारे कागजात आरटीआइ के माध्यम से शिकायतकर्ता विष्णुकांत झा ने उसी विभाग से निकाले थे, तो फिर किस कागजात की मांग विभाग कर रहा था यह समझ के परे है.

इन दस सरकारी चेक पोस्ट को किया गया था बंद

चेक पोस्ट जिला किस राज्य से सटा
चिरकुंडा धनबाद पश्चिम बंगाल
चौपारण हजारीबाग बिहार
बागीटांड कोडरमा बिहार
गिटिलिपी पश्चिमी सिंहभूम ओडिशा
बरहागोड़ा पश्चिमी सिंहभूम ओडिशा
मुरीसेमर गढ़वा छत्तीसगढ़
रायडीह गुमला छत्तीसगढ़
बांसजोड़ सिमडेगा छत्तीसगढ़, ओडिशा
चास मोड़ बोकारो पश्चिम बंगाल
धुलियान पाकुड़ पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश

 

मामले को लेकर हाइकोर्ट में जनहित याचिका

शिकायतकर्ता विष्णुकांत झा ने जब देखा कि मुख्यमंत्री से भी शिकायत करने के बाद कुछ नहीं हो रहा है तो उन्होंने कोर्ट जाने का मन बनाया. 18 अक्टूबर को उन्होंने मामले को लेकर हाईकोर्ट में पीआइएल फाइल कर दी है.

पीआइएल फाइल करने के बाद विष्णुकांत ने न्यूज विंग से खास बातचीत की. पूरी बातचीत नीचे वीडियो को क्लिक कर देखें और सुनें.

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