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जीरो टॉलरेंस सरकार में चोरी हो गयीं #MNREGA से बनी 4 करोड़ की 40 सड़कें

Kumar Gaurav

Jharkhand Rai

Chatra : झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास कहते रहे हैं  कि राज्य में “जीरो टॉलरेंस” की सरकार है. किसी तरह की अनियमितता पर सरकार सख्त रवैया अपनाती है. बावजूद चतरा जिला में मनरेगा के तहत लगभग 4 करोड़ की लागत से बनी 40 सडकें चोरी हो गयीं.

यह मामला साल 2014-15 का है. लेकिन अब तक इसके लिए जिम्मेदार अफसरों व इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई.

जानकारी के मुताबिक मनरेगा के तहत सड़क बनाने की योजना शुरू किया गया था. लेकिन सड़क का निर्माण नहीं किया गया. मामला संज्ञान में आने के डेढ़ साल बाद भी किसी अधिकारी ने मामले पर कार्रवाई नहीं की.

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मनरेगा के तहत चतरा के विभिन्न प्रखंडों में कुल 40 सड़कें बनानी थीं.  सड़कें बनी नहीं और पैसों की पूरी निकासी कर ली गयी. चतरा में ग्रामीणों ने इसकी शिकायत भी अधिकारियों से की. पर, अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की.

जब जिला स्तर के अधिकारियों ने शिकायत पर गौर नहीं किया गया तो ग्रामीणों ने जुलाई 2017 में पूरे मामले की शिकायत पीएमओ से की. पीएमओ की तरफ से जांच का आदेश आया.

पीएमओ  के आदेश के बाद भी डेढ़ साल तक मामले में कोई जांच नहीं की गयी. 40 सड़कों के निर्माण की कुल लागत करीब 4 करोड़ थी. सवाल यह उठता है कि आखिर कैसे बिना सत्यापन किये पैसों की निकासी कर ली गयी.

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वन भूमि पर दिखायी गयी 32 सड़कें, पर बनीं नहीं

संसद ने “दिशा” की बैठक में पूछा था कि आखिर सड़कें बनीं तो दिखती क्यों नहीं और अगर दिखती नहीं तो इसकी जांच क्यों नहीं की गई. आश्चर्य की बात तो यह है कि 40 में से 32 सड़कें, वन भूमि पर बना दिखाया गया है. पर उत्तरी वन प्रमंडल के अधिकारियों का दावा है कि कोई सड़क नहीं बना है.

उत्तरी वन प्रमंडल के डीएफओ ने इस बारे में कहा कि वन भूमि में सड़क बनाने के लिए एनओसी लेना पड़ता है. अगर कोई संवेदक एनओसी लेने की बात करता है तो वह फर्जी है.

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क्या बोले डीडीसी चतरा

वहीं इस मामले पर डीडीसी चतरा मुरली मनोहर प्रसाद ने कहा कि चतरा में ऐसे 36 सड़कें हैं, जिनके बारे में शिकायत है कि वह बनी ही नहीं. जिसकी जांच करने के लिए हमें कहा गया था. हमने अपनी जांच रिपोर्ट ग्रामीण विकास विभाग को सौंप दिया है. सड़कें नहीं होने की बात कुछ लोगों ने की थी.

हाल ही में चतरा जिला में हुए “दिशा” की बैठक में सांसद सुनील सिंह ने डीडीसी चतरा से कहा था कि इतने दिन हो जाने के बाद भी अभी तक मामले की जांच क्यों नहीं हुई. जिसके बाद एक सप्ताह के अंदर डीडीसी को अपना जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा था.

जिसके बाद डीडीसी ने गुरूवार को विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. साथ ही डीडीसी ने इस मामले में चतरा के विभिन्न प्रखंड के BDO और  BPO की मिलीभगत बतायी है.

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