
Ranchi: कोरोना वायरस से निपटने के लिए देशभर में लॉकडाउन लगाया गया था. इस दौरान झारखंड की राजधानी रांची में अपराधिक गतिविधियों में काफी कमी देखी गयी थी. दूसरी तरफ लॉकडाउन के ठीक पहले अपराधियों ने रांची में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया था.
पुलिस ने इन घटनाओं पर जांच भी शुरू की थी. लेकिन लॉकडाउन के कारण उन मामलों की जांच पर असर पड़ा है. क्योंकि कोरोना संकट के कारण पुलिस के काम बढ़ गये हैं. पुलिस के अधिकारियों का ज्यादा वक्त कोरोना संकट से जूझ रहे लोगों की मदद में निकल जा रहा है.
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बता दें कि लॉकडाउन के ठीक पहले अपराधियों ने शहर में कई घटनाओं को अंजाम दिया था. इसमें कुछ चर्चित भी हुई थी. ऐसे मामलों में मुकेश जालान हत्याकांड, प्रेम सागर हत्याकांड, गहना घर में लुटपाट शामिल है. अपनी शुरूआती जांच में रांची पुलिस ने ऐसे मामलों में साक्ष्य जुटाने से लेकर तकनीकी अनुसंधान को काफी जिम्मेदारी पूर्वक निभाया. फिर लॉकडाउन में व्यस्त रहने के कारण ऐसे मामलों की गुत्थी को अभी तक पुलिस सुलझा नहीं सकी है.
मुकेश जालान की हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं
मुकेश जालान की हत्या अपराधियों ने किस वजह से की अबतक इसके पीछे की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पायी है. मुकेश जालान हत्याकांड के मामले में रांची पुलिस महिंद्रा फाइनेंस से किसी प्रकार का विवाद या प्रेम-प्रसंग से जुड़े विवाद के बिंदू पर जांच कर रही है.
मुकेश के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि करीब 8 साल से मुकेश महिंद्रा फाइनेंस कंपनी में काम करता था. फाइनेंस के अलावा सीजर विभाग का भी काम वह देखता था. इसलिए पुलिस किसी सीजर के मामले का विवाद भी खंगाल रही है, हालांकि परिजनों ने अब तक किसी भी प्रकार के विवाद होने की बात से इनकार किया है. हत्या से संबंधित सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास है,लेकिन हत्या के चार महीने बीत जाने के बाद भी रांची पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पायी है. गौरतलब है कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के किशोरगंज रोड में 6 फरवरी की देर रात महिंद्रा फाइनेंस में काम करने वाले मुकेश जालान हत्या कर दी गयी थी.
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प्रेम सागर के हत्यारों का नहीं मिला सुराग
बरियातू थाना क्षेत्र के मोराबादी स्थित होटल पार्क प्राइम के पास 2 मार्च की शाम बीजेपी नेता सह सीसीएल कर्मी और टेरर फंडिंग के आरोपी प्रेम सागर मुंडा की हत्या कर दी गयी थी. इस हत्याकांड में अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिले हैं. शूटरों की पहचान की कोशिश की जा रही थी. तभी कोरोना का संकट आ खड़ा हुआ. जिसके कारण पुलिस का ध्यान इस पर कम हो गया.
गौरतलब है कि 2 मार्च की शाम करीब सात बजे के करीब प्रेम सागर मुंडा अपनी कार (जेएच-01बीटी-0009) से मोरहाबादी स्थित पार्क प्राइम होटल के पास रुका हुआ था. इस बीच वहां पहुंचे अपराधियों ने उससे बातचीत की और फिर अचानक से उस पर गोलियां चलाने लगे. गोली मारे जाने के बाद अपराधी मान्या पैलेस के बगल से एदलहातू के रास्ते भाग निकले थे. इस मामले रांची पुलिस का हाथ अबतक खाली है.
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