
Ranchi : स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहरों की रैंकिंग के बाद अब केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थाओं की स्वच्छ कैंपस रैंकिंग जारी करने का निणर्य लिया है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस दिशा में पहल करते हुए पूरे देश के उच्च शिक्षण संस्थाओं को इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अगामी 28 अगस्त तक आवेदन मांगा है, ताकि इन आवेदन के आधार पर कैंपस को सर्वे कर उन्हें रैंंकिंग प्रदान किया जा सके. एमएचआरडी कैंपसों का सर्वे करने के बाद चयनित 10 शीर्ष संस्थानों को दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा. इसी सर्वे में भाग लेने के लिए झारखंड की कई शैक्षणिक संस्थान एमएचआरडी के वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करने जा रही है. बीआइटी मेसरा, रांची विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय आदि शैक्षणिक संस्थान इस सर्वे में आवेदन करने की तैयारी में जुट गयी है.
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क्या है प्रक्रिया
इसमें हिस्सा लेने वाले शैक्षणिक संस्थानों को पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा. अगस्त-सितंबर में विभिन्न टीमें इन संस्थानों का निरीक्षण करेंगी. मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मापदंडों के आधार पर सितंबर के अंतिम सप्ताह में रैंकिंग जारी होगी. अक्टूबर 2018 में दिल्ली में विजेताओं को सम्मान दिया जाएगा.
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क्या हैं मानदंड
स्वच्छ कैंपस रैंकिंग में भाग लेने के कुछ मानदंड एमएचआरडी ने निर्धारित किए गए हैं. जिसमें कैंपस का आकलन, शौचालय की संख्या और साफ सफाई का स्तर, कचरा निस्तारण व्यवस्था, हॉस्टल की रसोई स्वच्छता, पानी की स्वच्छता, जल संग्रहण और निकासी की व्यवस्था, कैंपस में हरियाली, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सौर प्रणाली का उपयोग और गोद लिए गांवों की स्थिति जैसे मापदंड शामिल किए गए हैं.
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झारखंड के शैक्षणिक संस्थान भी इस रैंकिंग में लेंगे भाग- सचिव
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सचिव रजेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता को लेकर रैंकिंग जारी करने की पहल की जा रही है. इसमें झारखंड के शैक्षणिक संस्थान भी भाग लेंगे, ताकि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों के कैंपस को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके. उन्होंने कहा कि स्वच्छ शैक्षणिक कैंपस ही स्वच्छ शिक्षा का प्रसार कर सकते हैं. युवाओं को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के लिए यह एक अच्छी पहल है. इसमें झारखंड के शैक्षणिक संस्थान बेहतर प्रदर्शन करेंगे.
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