
Ranchi : राजधानी में आसानी से अवैध हथियार उपलब्ध हो रहे हैं. पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी अवैध हथियारों की तस्करी का कारोबार नहीं रुक रहा है. पिछले पांच साल के आंकड़ों को देखा जाए, तो वर्ष (2018) में सबसे ज्यादा आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हुए थे.
तस्कर कम कीमत पर आसानी से अपराधियों को हथियार उपलब्ध करा देते हैं. जिसका नतीजा यह हो रहा है कि छोटे-मोटे चोर भी अब हथियार के बल पर लोगों को डरा धमका रहे हैं. बात-बात पर हथियार का दम दिखाने लगे हैं.
कोई सिगरेट देने में देर होने पर दुकानदार पर गोली चला रहा है, तो कोई गर्लफ्रेंड को लेकर हुए विवाद में दोस्त पर ही पिस्टल तान दे रहा है. ऐसे में लोगों के बीच अब काफी ज्यादा भय का माहौल है. क्योंकि हथियार के बल पर लूट, डकैती व मर्डर जैसी घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं.
आम लोगों के पास भी पहुंच रहा हथियार
राजधानी में रहने वाले आम लोगों के पास भी हथियार पहुंच रहा है. जिसका उदाहरण बुधवार की रात देखने को मिला. हरमू के वीर कुंवर सिंह चौक के पास धर्मेंद्र नाम के युवक ने मोहम्मद अहबाब की गोली मार कर हत्या कर दी. वह भी आपसी विवाद में बीच-बचाव को लेकर ऐसा किया गया. यह एक मात्र ऐसी घटना नहीं है. राजधानी में कई ऐसी घटनाएं हैं जिसमें अवैध हथियार से लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है.
आसानी से उपलब्ध हो रहे अवैध हथियार
रांची में जितनी भी हत्याएं हुई है उनमें से अधिकतर हत्याएं अवैध हथियार से की गयी है. अवैध हथियार आसानी से उपलब्ध होने के कारण अपराधी इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं.
सूत्रों की मानें, तो बस से या निजी कार से दूसरे राज्यों से हथियार रांची पहुंचाए जा रहे हैं. अवैध हथियार का कारोबार करने वाले लोग काफी कम दाम पर ही पिस्टल और देसी कट्टा जैसे हथियार लोगों को उपलब्ध करा देते हैं.
राजधानी रांची में सबसे ज्यादा हथियार बिहार के मुंगेर जिले से लाया जाता है. पहले यह हथियार सीधे रांची आता था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के डर से हथियार तस्कर अब हथियारों को सीधे रांची नहीं लाकर पहले खूंटी लाते हैं. उसके बाद वहीं से राजधानी रांची में हथियारों की सप्लाई की जाती है.
वहीं राजधानी रांची में भी चोरी-छिपे अवैध हथियार बनाने का काम किया जा रहा है. हाल के दिनों में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन भी किया था.
2018 में सबसे अधिक आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज
पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2013 में 87 मामले, 2014 में 69, 2015 में 63, 2016 में 85, 2017 में 72 और 2018 में आर्म्स एक्ट के सबसे ज्यादा 107 मामले दर्ज किये गए थे. जबकि 2019 में मार्च तक आर्म्स एक्ट के 31 मामले दर्ज हो चुके हैं.
हथियारों के इस अवैध कारोबार की जानकारी ना तो पुलिस को सही तरीके से मिल पाती है, ना ही कोई खुफिया एजेंसी ही इसपर सक्रिय नजर आती है. हथियार तस्कर शहर के बाहरी इलाकों समेत धुर्वा, डोरंडा, जगन्नाथपुर, तुपुदाना, अरगोड़ा और रातू क्षेत्र में सक्रिय हैं. कुछ ही मामले में पुलिस को सही जानकारी मिलती है जिसके आधार पर पुलिस कार्रवाई करती है.
हाल के दिनों में गिरफ्तार हुए हथियार तस्कर
4 जनवरी 2019 : रांची ट्रैफिक पुलिस ने हथियार सप्लाई करने आये दो युवकों को बिरसा चौक के पास गिरफ्तार किया था. दोनों युवक खूंटी के रहने वाले है. उनका नाम मोहम्मद जेग और शकील अख्तर है. बिरसा चौक के पास ट्रैफिक पुलिस ने जब दोनों युवकों की तलाशी ली तो उनके पास से एक अमेरिकन पिस्टल और दो गोली बरामद किया गया था.
7 फरवरी 2019 : तुपुदाना ओपी क्षेत्र के हजाम गांव के पास पीएलएफआई के पूर्व एरिया कमांडर और अन्य अपराधियों को हथियार खरीद-बिक्री करते हुए रांची पुलिस ने धर दबोचा था. इस मामले में पीएलएफआई के पूर्व एरिया कमांडर अजीम उर्फ हिमांशु सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इनके पास से नाइन एमएम पिस्टल, रिवाल्वर, एयर गन व दो गोली बरामद हुआ था.
20 मार्च 2019 : धुर्वा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मिनी गन फैक्टरी का उद्भेदन किया. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हथियार और हथियार बनाने का सामान बरामद किए. साथ ही विजय कुमार शर्मा, मोहम्मद साकिद, मनोज कुमार मंडल को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों की निशानदेही पर अभियुक्त विजय कुमार शर्मा के घर से काफी मात्रा में हथियार बनाने का उपकरण अर्धनिर्मित पिस्तौल और कट्टा बरामद किया था.
हाल के दिनों में अवैध हथियार से हुई घटनाएं
19 अप्रैल 2019 को नगड़ी थाना क्षेत्र में पूर्व उप मुखिया प्रकाश तिग्गा की गोली मारकर हत्या.
24 अप्रैल को हटिया स्टेशन के पास संतोष कुमार नाम के व्यक्ति को अपराधियों ने गोली मारकर घायल कर दिया.
27 अप्रैल को सरना समिति के सदस्य प्रदीप तिर्की को भी अपराधियों ने गोली मारकर घायल कर दिया.
30 अप्रैल को धुर्वा थाना क्षेत्र के धुर्वा डैम के पास अज्ञात लड़की की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इन सभी मामलों में आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.
8 मई अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू स्थित वीर कुमार सिंह चौक के पास मोहम्मद अहबाब की गोली मारकर हत्या.




