
Ranchi : राष्ट्रीय एमएसएमई अवॉर्ड के लिएशुक्रवार को राज्यस्तरीय चयन समिति की बैठक हुई. बैठक उद्योग सचिव जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई. इस दौरान ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की जांच की गई. राष्ट्रीय एमएसएमई अवॉर्ड के लिए कुल 143 आवेदन प्राप्त हुए थे. जिसमें से कम्पयूटराइज्ड स्क्रूटनी के क्रम में कुल 42 आवेदन पूर्ण पाये गये. मैनुअल जांच के बाद कुल 18 आवेदकों को उपयुक्त समझते हुए चयन समिति द्वारा राज्य से राष्ट्रीय एमएसएमई अवॉर्ड के लिए नामित किया गया. चैंबर महासचिव डॉ अभिषेक रामाधीन ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि यह पहली बार है कि झारखंडड के प्रत्येक जिले से एमएसएमई उद्यमियों ने इस अवॉर्ड के लिए आवेदन दिया था. सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के प्रोत्साहन हेतु झारखण्ड से 18 उद्योगों का चयन इस अवॉर्ड के लिए नामित किया जाना निश्चित ही उत्साहवर्द्धक है तथा यह सरकार का प्रशंसनीय प्रयास साबित होगा. जानकारी हो कि इस दौरान चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य भी मौजूद रहे. चैंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि झारखण्ड का औद्योगिकीकरण काफी हद तक एमएसएमई क्षेत्र के विकास पर निर्भर करता है. एमएसएमई सेक्टर के प्रेरणादायी प्रयासों के प्रोत्साहन हेतु उद्योग विभाग का यह प्रयास सराहनीय है.
बैठक के दौरान चैंबर द्वारा राज्य में औद्योगिक विकास के अन्य मुद्दों पर भी वार्ता की गई. वार्ता के क्रम में राज्य में ऑटो एक्सपो का आयोजन, राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने हेतु प्रदेश में डीजीएफटी कार्यालय स्थापित करने पर विधिवत् चर्चा हुई. उद्योग सचिव ने यह भी अवगत कराया कि टाटा समूह और कमिंस समूह के संयुक्त प्रयास से देश का पहला हाइड्रोजन से चलनेवाला इंजन झारखण्ड में बनने जा रहा है. जो राज्य के लिए गौरव का विषय है. हाल ही में यूएस में संपन्न इलेक्ट्रिक व्हिकल एक्जिबिशन में झारखण्ड के उद्योग विभाग द्वारा स्टॉल लगाये जाने की प्रशंसा करते हुए चैंबर उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने उद्योग सचिव को बधाई दी.
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