JharkhandRanchi

NEET परीक्षा की तैयारी को लेकर रांची डीसी ने की बैठक, कहा- कोरोना गाइडलाइन का रखा जाए ध्यान

Ranchi. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित नीट, जेईई परीक्षा 1 सितंबर से शुरू हो रही है. राजधानी रांची में नीट यूजी– 2020 की परीक्षा 13 सितंबर को होनी है. परीक्षा की तैयारी को लेकर रांची डीसी छवि रंजन की अध्यक्षता में रांची के सभी केंद्र अधीक्षकों/समन्वयकों के साथ एक बैठक आयोजित की गयी.

Jharkhand Rai

इसे भी पढ़ें- JSCA 10 सितंबर से शुरू करेगा क्रिकेट टूर्नामेंट, 6 टीमें खेलेंगी 33 टी-20 मैच

बैठक में रांची एसडीओ लोकेश मिश्रा, सिटी एसपी सौरभ सहित एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) सहित कई केंद्र अधीक्षक/समन्वयक उपस्थित थे. डीसी ने कहा कि परीक्षा की तैयारी की दिशा में एनटीए के गाइडलाइंस के अनुसार पूरी व्यवस्था करें. जो छात्र परीक्षा देने आएंगे, उनके थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें.

 

Samford

परीक्षा केंद्र में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोल घेरा बनाकर कतार की व्यवस्था करें. आवश्यकता पड़े तो एंट्री के लिए बैरिकेडिंग भी की जा सकती है. डीसी ने सीटिंग अरेंजमेंट में भी सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन की बात कही है.

छात्रों के लिए बने टाइम स्लॉट

डीसी ने सभी केंद्र अधीक्षकों से कहा कि अलग-अलग कमरों में छात्रों के आने-जाने के लिए अलग-अलग टाइम स्लॉट बनाएं. ऐसा करने से सोशल डिस्टेंसिंग का का पालन किया जा सकेगा. छात्रों के साथ आने वाले उनके अभिभावकों के लिए केंद्र के पास शेल्टर की व्यवस्था करने की बात डीसी ने कही है.

20 प्रतिशत मास्क रखना करें सुनिश्चित

डीसी छवि रंजन ने कहा कि छात्रों के साथ परीक्षा में कार्य करने वाले पर्यवेक्षक और कर्मियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए. यह सुनिश्चित हो कि पर्यवेक्षक और कर्मी कोरोना संक्रमित नहीं हों. उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान कुछ ऐसे छात्र भी हो सकते हैं जिनके पास मास्क ना हो, ऐसी स्थिति में सभी केंद्र को NTA के गाइडलाइंस के अनुसार 20% मास्क रिजर्व रखना है.

हेल्प डेस्क बनाकर करें मदद

डीसी ने कहा कि स्क्रीनिंग के दौरान अगर कोई छात्र सिंप्टोमेटिक मिलता है तो इसके लिए गाइडलाइंस के अनुसार अलग से कमरे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. स्कूलों द्वारा ऐसे छात्रों के लिए अलग कमरे की व्यवस्था को लेकर डीसी ने एसडीओ को 12 सितंबर को केंद्रों के निरीक्षण का निर्देश दिया.

इसे भी पढ़ें- पुणे के डॉक्टर्स का दावा: ‘कोरोना संक्रमण के लिए असरदार है खून पतला करने की दवा’

कोविड शर्तों के अनुपालन करने में छात्रों या अभिभावकों को किसी तरह की परेशानी ना हो, इसे लेकर डीसी ने सभी केंद्र संचालकों को हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया.

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: