
Ranchi : महेंद्र ने जिस रामू की 12 साल सेवा की, अपने बच्चे की तरह पाला-पोसा, उसी रामू ने उसे दगा देते हुए मौत के घाट उतार दिया. यह रामू और कोई नहीं, ओरमांझी स्थित बिरसा मुंडा जैविक उद्यान का हाथी है. महेंद्र इसकी सेवा पिछले 12 साल से करते आ रहे थे. उसे समय पर खिलाने, समय पर नहलाने, ठंड में हीटर की गर्मी देने समेत उसकी सभी जरूरतें पूरी करने की जिम्मेदारी उठा रखी थी महेंद्र ने. हर सुबह रामू को केज से निकालकर उद्यान के एक निर्धारित क्षेत्र में घुमाना महेंद्र की आदत में शुमार हो गया था. रविवार को भी सुबह 8.30 बजे महेंद्र ने रामू को घुमाने के लिए केज से बाहर निकाला, तो रामू भड़क गया और महेंद्र पर टूट पड़ा. रामू महेंद्र को पटकने लगा. यह देख उद्यान के अन्य कर्मचारियों ने महेंद्र को रामू के गुस्से से बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक कहानी खत्म हो चुकी थी. आनन-फानन में महेंद्र को लगभग 9.45 बजे रिम्स लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. रामू ने उद्यान में ही महेंद्र को पटक-पटक कर मार डाला था.
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सम्राट और लक्की रानी भी देखते रह गये
वहां मौजूद सम्राट और लक्की रानी (दोनों हाथी) भी इस घटना को देखते रह गये. महेंद्र इनकी सेवा 1991 से ही कर रहे थे. रोज समय पर ईख, घास, पीपल का पत्ता, केला, चना खाने में देते थे. ठंड को ध्यान में रखते हुए महुआ अपने हाथों से खिलाते थे. गर्मी में खीरा-ककड़ी देते थे. हर मौसम में अपने बच्चों की तरह खान-पान का ध्यान रखते थे. जब रामू इस परिवार में आया, तो महेंद्र ने उसकी भी अपने बच्चे की तरह ख्याल रखा. लेकिन, इस सेवा और प्यार के बदले महेंद्र को उसी रामू ने मौत की नींद सुला दी.
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क्या कहते हैं उद्यान निदेशक
उद्यान निदेशक एसके गुप्ता ने बताया कि घटना रविवार की सुबह 8.30 बजे की है. रामू ने महेंद्र को गंभीर रूप से घायल कर दिया था. हॉस्पिटल में महेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया.




