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माओवादियों ने पुलिस पर हमले की बनायी नयी रणनीति, कोड नेम है ‘सिविक एक्शन’ !

पुलिस से मिल रही लगातार चोट से कमजोर पड़ रहा माओवादी संगठन अब बड़े दस्ते के साथ पुलिस पर हमला नहीं कर सकते.

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Amit Verma

Lohardaga: पुलिस से मिल रही लगातार चोट से कमजोर पड़ रहा माओवादी संगठन अब बड़े दस्ते के साथ पुलिस पर हमला नहीं कर सकते. संगठन में कैडर की संख्या कम होती जा रही है. इसलिए पुलिस से आमने-सामने मुठभेड़ भी करने से माओवादी गुरेज कर रहे हैं. माओवादियों ने इन्होंने नया प्लान बनाया है. जो वह उस दौर में किया करते थे, जब माओवादी संगठन अपनी जड़े जमाने में लगा हुआ था. यानी दो-चार के समूह में बंटकर कर टार्गेट पर हमले करना.  हमलावर माओवादी वर्दी में नहीं आम नागरिकों की वेशभूषा में होंगे. इनके पास बड़े नहीं बल्कि छोटे हथियार होंगे, जिन्हें वह आसानी से छुपा कर रख सकते हैं. पुलिस के जवानों पर घात लगाकर हमला कर उनकी जान लेना,  हथियार लूटना,  दहशत का माहौल कायम करना इनका इरादा है. इस बात का खुलासा लोहरदगा जिला की पुलिस को नक्सलियों के ठिकानों से मिले दस्तावेजों से हुआ है.

पिछले कुछ सालों के दरम्यान झारखंड में कई बड़े नक्सलियों ने सरेंडर किया है. चार सालों में लोहरदगा जिला में ही सबसे अधिक 40 नक्सलियों ने सरेंडर किया. समय-समय पर पुलिस ने माओवादियों के ठिकाने से हथियारों का बड़ा जखीरा भी बरामद किया है. जिससे संगठन कमजोर हुआ है. यही वजह है कि माओवादी अब फिर से गुरिल्ला वार की नई रणनीति बना रहे हैं.

इस शब्द के मायने बड़े अच्छे हैं. मगर इसके पीछे माओवादियों का खतरनाक प्लान छिपा है. पुलिस अलर्ट है : प्रियदर्शी आलोक, एसपी, लोहरदगा 

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