NEWS

राजनाथ ने कहा- जवानों के हौसले बुलंद, चीन को 15 जून की हिंसा में भारी नुकसान हुआ

New Delhi. भारत-चीन की सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में बयान दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि गलवान घाटी पर हुए संघर्ष में चीन को बहुत नुकसान हुआ है और दोनों देश शांति पर सहमत हैं. उन्होंने भारतीय जवानों के साहस को सलाम करते हुए कहा कि चीन ने कई बार स्टेटस बदलने का प्रयास किया, हमारे जवानों ने इसे असफल कर दिया.

इसे भी पढ़ें- गर्मी और उमस से मिलेगी राहत, 24 घंटे में कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

स्थिति से निपटने के लिए तैयार

राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे सुरक्षाबल हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं. 15 जून को हमारे जवानों ने स्टेटस बदलने के प्रयास को असफल कर दिया. जवानों ने बलिदान दिया है. चीन को भी भारी नुकसान हुआ. चीन की ये कोशिश हमें मंजूर नहीं है. 

जवान तैनात

राजनाथ सिंह ने लोकसभा में बताया कि, चीन ने एलएसी और आंतरिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सेना की तैनाती की है और हथियार इकट्ठा किए हैं. पूर्वी लद्दाख, गोगरा, कोंगका ला, पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण बैंकों में कई फ्रिक्शन प्वाइंट हैं. भारतीय सेना ने भी इन क्षेत्रों में भारी तैनाती की है. राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे जवानों के हौसलें बुलंद हैं, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख का दौरा कर हमारे जवानों से मुलाकात की. उन्होंने यह संदेश भी दिया था वह हमारे वीर जवानों के साथ खड़े हैं. मैंने भी लद्दाख जाकर अपने यूनिट के साथ समय बिताया था. 

उन्होंने कहा कि यह भी बताना चाहता हूं कि अभी तक भारत-चीन के बॉर्डर इलाके में कॉमनली डेलीनिएटिड LAC नहीं है और LAC को लेकर दोनों की धारणा अलग-अलग है. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हम सीमाई इलाकों में मुद्दो का हल शांतिपूर्ण तरीके से किए जाने के प्रति प्रतिबद्ध हैं. हमने चीनी रक्षा मंत्री से रूस में मुलाकात की. हमने कहा कि इस मुद्दे का शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहते हैं, लेकिन भारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.

चीन को नुकसान

राजनाथ सिंह ने कहा- चीन द्वारा एक हिंसक संघर्ष की स्थिति 15 जून को गलवान में पैदा की गई. हमारे बहादुर सिपाहियों ने अपनी जान का बलिदान दिया पर साथ ही चीनी पक्ष को भी भारी क्षति पहुंचाई और अपनी सीमा की सुरक्षा में कामयाब रहे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button