
Ranchi: रांची विश्वविद्यालय (आरयू) में ‘अनुबंधकर्मी एक विभाग के अलावे कई जगहों पर दे रहे हैं योगदान’ खबर को ‘न्यूज विंग’ ने 06 सितंबर को प्रमुखता से प्रकाशित की थी. खबर के माध्यम से ‘न्यूज विंग’ ने इस बात को प्रमुखता से बताया था कि किस प्रकार रांची विश्वविद्यालय में कार्य करने वाले कर्मी एक स्थान के अलावे कई स्थानों पर योगदान देकर अलग-अलग मानदेय ले रहे हैं. इस खबर पर संज्ञान लेते हुए राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने आरयू के कुलपति प्रो रमेश कुमार पांडेय को पत्र लिखा है. राज्यपाल ने अपने पत्र के माध्यम से इस खबर पर आरयू कुलपति से स्पष्टीकरण मांगा है कि इस तरह के कितने कर्मी विश्वविद्यालय में विभिन्न जगहों पर योगदान दे रहे हैं, उसकी सूची राजभवन को उपलब्ध करायें.
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जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश जारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को कुलपति ने इस दिशा में आरयू के कोऑर्डिनेटर प्रो अशोक चौधरी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दे दिया है.
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दोषी अनुबंध कर्मियों पर हो सकती है कार्रवाई
राजभवन ऐसे अनुबंध कर्मियों की सूची उपलब्ध होने के बाद उनके उपर ठोस कार्रवाई कर सकती है. आरयू द्वारा हाल में ही अनुबंध शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया घंटी अधार पर मानदेय के पर किया है. इसी प्रक्रिया के दौरान आरयू के कई अनुबंध कर्मियों ने शिक्षक के रूप में योगदान देना आरंभ कर दिया. बिना विभाग के अधिकारियों के लिखित आदेश के इन कर्मियों ने अन्य कॉलेजों एवं विभागों में बतौर शिक्षक योग्यदान देना आरंभ कर दिया था. खबर प्रकाशित होने के बाद इन कर्मियों ने चोरी-चुपके अपने विभागीय कार्य के अलावे अन्य जगहों पर नियमित रूप से योगदान जारी रखा था.




