
Dhanbad: धनबाद के सदर थाना क्षेत्र स्थित एक रेल अधिकारी के बंगले में रेल कर्मी फंदे से झूलता हुआ मिला. बताया जा रहा है कि सूदखोर के चंगुल में फंसकर एक रेलकर्मी ने मौत को गले लगा लिया. परिजनों की माने तो उक्त रेलकर्मी ने कर्ज ले रखा था. जिसके लिए उन्हें लगातार मानसिक रूप से टॉर्चर किया जा रहा था. इस बात का पता लगने के बाद पति-पत्नी ने सूदखोर को एक लाख रुपये चुका दिया. बाकी रकम के लिए कुछ समय का मोहलत मांग लिया. इसके बावजूद रेल कर्मी को सूदखोर फोन पर धमकाता रहा. जिससे आजिज आकर उसने मौत का रास्ता चुन लिया.
बताया जा रहा है कि धनबाद रेल मंडल में पदस्थापित रेल कर्मी पवन कुमार रावत रविवार को परिजनों से ड्यूटी पर जाने की बात कह कर घर से दोपहर 3 बजे निकला. इसके कुछ देर बाद उसकी तलाश होने लगी और अंततः बैंक मोड़ पुलिस के सहयोग से सदर थाना क्षेत्र में पूजा टॉकीज के समीप एक रेल अधिकारी के आवास पर गैरेज में फंदे से झूलता शव मिला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गयी. परिजनों की माने तो वह प्रतिदिन की भांति खाना खाकर ड्यूटी के लिए निकले थे. लेकिन उन्हें क्या पता था कि पवन कुमार रावत अपनी ड्यूटी पर आखिरी बार जा रहा है. वहां से उनका शव वापस आएगा. रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि पवन को लगातार फोन पर धमकियां मिल रही थी. जिसके वजह से वह काफी डिप्रेशन में थे. बीते दिनों इसी डिप्रेशन का उन लोगों ने इलाज भी करवाया और सूदखोर को एक भारी रकम चुकाया. उन लोगों ने बाकी रकम की अदायगी के लिए कुछ समय का मोहलत लिया था. लेकिन सूदखोर का दबाव बढ़ता ही रहा और अंततः पवन को अपनी जान देनी पड़ी. पवन कुमार राउत का आवास बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के तेतुलतल्ला रेलवे क्वार्टर में है. जहां वह अपनी मां-पत्नी और एक बेटे-बेटी के साथ रहते थे.
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