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Rail traffic disrupted : 3000 आंदोलनकारियों ने हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग को 9 घंटे तक किया जाम, रेल सेवा अस्त-व्यस्त

कई ट्रेनें रद्द, 27000 यात्री प्रभावित, बामड़ा में फंसी इंटरसिटी की गर्भवती महिला यात्री को सड़क मार्ग से भेजा गया राउरकेला

Chakradharpur : करीब 3000 हजार के करीब आंदोलनकारियों ने बुधवार की सुबह छह बजे सबसे व्यस्त हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर ओडिशा के संबलपुर जिले में पड़ने वाले बामड़ा स्टेशन के पास रेल यातायात को 9.20 घंटे तक बाधित रखा. इसके कारण करीब 27000 यात्री प्रभावित हुए. रेलवे को कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ी. इससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ. आंदोलनकारी कोरोना काल में बामड़ा स्टेशन से हटायी गयी आठ ट्रेनों के ठहराव को पुनः बहाल करने, दो नयी ट्रेनों का ठहराव बामड़ा स्टेशन पर करने तथा दो पैसेंजर ट्रेनों से एक्सप्रेस का भाड़ा वसूलने के आदेश को वापस लेने की मांग पर अड़े थे. नौ घंटे के इस आंदोलन के दौरान चक्रधरपुर के सीनियर डीसीएम मनीष पाठक तथा कुचिंड़ा के एसडीएम आदित्य गोयल घटनास्थल पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत शुरू की. इन अधिकारियों ने आंदोलनकारियों की सभी शर्तों को मानते हुए उन्हें पहले मौखिक आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त करने को कहा था, लेकिन आंदोलनकारी मौखिक आश्वासन पर टस से मस तक नहीं हुए. इसके बाद अंत में रेलवे की ओर से सीनियर डीसीएम मनीष पाठक ने आंदोलनकारियों की सभी मांगों को मानने का लिखित में आश्वासन दिया. इसके बाद दोपहर 3.20 बजे आंदोलन समाप्त हुआ. उधर, रेल चक्का जाम के साथ पूरा बामड़ा बंद रहा. बामड़ा में बाजार व यातायात भी बंद रहे. आंदोलन समाप्ति के बाद रेल अधिकारी मनीष पाठक ने आंदोलनकारियों काे आश्वासन दिया कि इस आंदोलन को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जायेगा.

पहले से ठहराव वाली तीन ट्रेनों का टिकट बामड़ा में बहाल

रेलवे द्वारा मानी गयी मांगों में जिन तीन ट्रेनों अहमदाबाद एक्सप्रेस, दुर्ग दानापुर दक्षिण बिहार एक्सप्रेस व राउरकेला भुवनेश्वर इंटरसिटी का ठहराव दिया गया था, उनका टिकट बुधवार से ही बामड़ा स्टेशन से मिलना शुरू हो गया. वहीं अन्य पांच ट्रेनों का भी ठहराव बुधवार से ही शुरू किए जाने के साथ-साथ 15 दिनों के भीतर उनका टिकट भी बामड़ा से दिया जाएगा. जिन दो पैसेंजर ट्रेनों से एक्सप्रेस का भाड़ा वसूला जा रहा था, उसे मई से जून के भीतर हटा लिया जाएगा. जबकि दो ट्रेन संबलपुर बनारस एक्सप्रेस व राउरकेला कोरापुट एक्सप्रेस के ठहराव पर विचार करने के लिए बामड़ा रेल क्रियान्वयन कमेटी की मांग को बोर्ड के पास भेजी जाएगी. अक्तूबर माह में भी कमेटी की ओर से रेल रोको आंदोलन किए जाने के बाद तीन ट्रेनों को ठहराव की अनुमति मिली थी. बामड़ा में पीआरएस और जनरल टिकट काउंटर गुरुवार से अलग होगा और बुकिंग का समय भी बढ़ाया जाएगा.

आंदोलन में सभी दलों ने लिया हिस्सा

बामड़ा रेल क्रियान्वयन कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस रेल रोको आंदोलन में सभी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया. उधर, इस महा रेल रोको आंदोलन के कारण हवड़ा-मुम्बई रेल मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया. मुम्बई की ओर से आने वाली अप व हावड़ा की ओर से आने वाली डाउन लाइन की ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर सुबह से ही खड़ी रहीं. राउरकेला इंटरसिटी ट्रेन को बामड़ा से वापस राउरकेला भेज दिया गया. उसमें सवार एक गर्भवती महिला को बामड़ा से एंबुलेंस के जरिए गणतव्य स्थान पर रवाना किया गया. हालांकि 3000 हजार से अधिक लोग रेल पटरी पर शांति से बैठकर आंदोलन करते रहे. इन्हें हटाने के लिए पुलिस प्रशासन की कार्रवाई विफल रही.

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झारसुगुड़ा आरपीएफ ओसी पर दुर्व्यवहार का आरोप

उधर, आंदोलनकारियों को रेल लाइन से हटाने के क्रम में झारसुगुड़ा आरपीएफ ओसी राकेश मोहन पर महिला आंदोलनकारी से की बदसलूकी करने के साथ ट्रेन चढ़ा कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है. इसे लेकर ओसी के खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा प्राथमिकी बमड़ा थाने में दी गई है. बामड़ा रेल क्रियान्वयन कमेटी ने सीनियर डीसीएम मनीष पाठक और आरपीएफ कमांडेंट ओंकार सिंह से राकेश मोहन के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने इस पर विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया.

आंदोलन में इन लोगों ने लिया हिस्सा

रेल रोको आंदोलन में रेल क्रियान्वयन कमेटी के अध्यक्ष अनुभव लाठ, पूर्व विधायक तथा भाजपा नेता रावि नारायण नायक, डीआरयूसीसी सदस्य पूर्व विधायक वृंदावन माझी, पूर्व विधायक सह कांग्रेस नेता राजेन्द्र छतरिया, बीजू जनता दल नेता संजित महंती, पूर्व ब्लॉक चेयरमैन प्रदीप मिश्र, सचिव खीरोद सा, सलाहकार प्रशांत सत्पथी, संबलपुर जिला परिषद अध्यक्ष कुमुदुनी नायक, बामड़ा ब्लॉक चेयरमैन पिंकी धुरूआ, लाइकेरा चेयरमैन संजित नायक, कुचिंडा ब्लॉक चेयरमैन भुवनेश्वर किसान, झारसुगुड़ा जिला परिषद चेयरमैन, गोबिंदपुर सरपंच बिमल लाकड़ा, बामड़ा जोन एक जिला परिषद सदस्य जन्मा टोप्पो, कुचिंडा जोन-2 जिला परिषद सदस्य दिव्यराज किसान समेत बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि, एसएसजी महिला संगठन, मारवाड़ी महिला समिति की सदस्य शामिल हुई.

मौके पर मौजूद थे रेलवे व प्रशासन के अधिकारी

रेल रोको आंदोलन के दौरान मौके पर रेलवे के अधिकारियों में चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम मनीष पाठक, झारसुगुड़ा एआरएम अजित पंडा, आरपीएफ कमांडेंट ओमकार सिंह, कुचिंडा एसडीएम आदित्य गोयल, बामड़ा तहसीलदार अनिल कुल्लु, कुचिंडा एसडीपीओ राजकिशोर मिश्र, झारसुगुड़ा जीआरपी एसडीपीओ पवित्र किसान, गोबिंदपुर थाना अधिकारी अजय जेना, जीआरपी थाना अधिकारी सौदामिनी नाग समेत अन्य अधिकारी मौके पर तैनात रहकर लोगों को समझाते दिखे.

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