
New Delhi: जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनका निमंत्रण स्वीकार किया है.
गवर्नर मलिक के ट्वीट का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वो खुद और विपक्ष के नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जाने को तैयार है.
इसके लिए उन्हें किसी विमान की जरुरत नहीं, बस वहां के लोगों, मुख्य धारा के नेताओं और सैनिकों से मिलने और बात करने की स्वतंत्रता को सरकार सुनिश्चित करें.
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क्या कहा राहुल गांधी ने
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गवर्नर मलिक को संबोधित करते हुए कहा, ‘विपक्षी नेताओं का एक दल और वो खुद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को देखने के आपके अनुग्रहपूर्ण निमंत्रण करते हैं.
हमें किसी विमान की आवश्यकता नहीं है. लेकिन कृप्या कर वहां के लोगों, मुख्यधारा के नेताओं और वहां तैनात जवानों से बात करने की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करें.’
Dear Governor Malik,
A delegation of opposition leaders & I will take you up on your gracious invitation to visit J&K and Ladakh.
We won’t need an aircraft but please ensure us the freedom to travel & meet the people, mainstream leaders and our soldiers stationed over there. https://t.co/9VjQUmgu8u
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 13, 2019
राहुल ने ये ट्वीट राज्यपाल के उस बयान के जवाब में था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को घाटी का दौरा कराने और जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए वह विशेष विमान भेजेंगे.
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“Will send you plane, come here, observe”: J&K Governor Satya Pal Malik to Rahul Gandhi https://t.co/zaX2SYFNJl pic.twitter.com/yG3AgYMsox
— NDTV (@ndtv) August 12, 2019
गवर्नर ने कहा था, ‘मैंने राहुल गांधी को यहां आने के लिए न्योता दिया है. मैंने उनसे कहा कि मैं आपके लिए विमान भेजूंगा ताकि आप स्थिति का जायजा लीजिए और तब बोलिए. आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और आपको ऐसे बात नहीं करनी चाहिए.’
क्या है पूरा मामला
दरअसल ये पूरा मामला कश्मीर में हिंसा संबंधी कुछ नेताओं के बयान से जुड़ा है. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के कमजोर होने के बाद से लगातार घाटी के हालात को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
विदेशी मीडिया जहां कश्मीर में लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन किये जाने की खबर दिखा रही है. वहीं सरकार इस बात से इनकार कर रही है.
इस ऊहापोह के बीच राहुल गांधी ने शनिवार की रात कहा था कि जम्मू-कश्मीर से हिंसा की कुछ खबरें आई हैं और प्रधानमंत्री मोदी को पारदर्शी तरीके से इस मामले पर चिंता व्यक्त करनी चाहिए.
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