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सवालः आखिर पाकुड़ में डीसी के खिलाफ हो रहे हंगामे पर सरकार क्यों नहीं ले रही संज्ञान

रोजाना हो रही है डीसी के खिलाफ पोस्टरबाजी, सहायक खनन पदाधिकारी के साथ मिलकर अवैध खनन को बढ़ावा देने का आरोप

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Akshay Kumar Jha

किसी डीसी के खिलाफ जिले में अभियान चला हो ऐसा शायद ही कभी देखा गया. पाकुड़ समेत पूरे राज्य की जनता इस बात से परेशान है कि इतना कुछ हो जाने के बाद भी सरकार की तरफ से किसी तरह का कोई कदम क्यों नहीं उठाया जा रहा है. पाकुड़ की जनता और राजनीतिक पार्टियां सवाल कर रही है कि क्या सरकार को चिंता नहीं है. क्या सरकार ही चाहती है कि वहां डीसी के खिलाफ चाहे जितनी भी पोस्टरबाजी हो जाये, कुछ नहीं करेंगे.

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अगर ऐसा नहीं है तो कम-से-कम सरकार, पाकुड़ में हो रही गतिविधि की जानकारी तो लेती ही. जांच के आदेश तो दिए ही जाते. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है. रोज कोई ना कोई पार्टी डीसी के खिलाफ पोस्टरबाजी कर रही है. अब तो कई तरह के निजी आरोप भी उनपर लग रहे हैं. हाल में आजसू की तरफ से कई संगीन आरोप पाकुड़ डीसी के खिलाफ लगे. आरजेडी पहले से भी पोस्टरबाजी करता आ रहा है. सोमवार को भी राजद ने पाकुड़ शहर में नए आरोप लगा कर फिर से पोस्टरबाजी की.

कुर्सी का इस्तेमाल पारिवारिक फायदे के लिए

इस बार राजद ने जो आरोप डीसी पाकुड़ दिलीप झा पर लगाए हैं. वो काफी संगीन हैं. राजद ने दीवारों पर चिपकाए पोस्टरों में साफ लिखा हैः

– पाकुड़ उपायुक्त दिलीप कुमार झा ने अपने भाई अशोक झा को पैनम अमड़ापाड़ा में नौकरी दिलवायी है उसकी न्यायिक जांच हो.

– क्या जिला का पदाधिकारी रहते हुए अपने सगे-संबंधियों को पैनम कोल माइंस में नौकरी दिलवायी जा सकती है.

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लगते रहे हैं आरोप, सरकार करती रही अनसुनी

पाकुड़ में जो हो रहा है, उससे ऐसा लगता है कि सरकार पाकुड़ को लेकर गंभीर ही नहीं है. इतने आरोप लगने के बाद क्यों नहीं सरकार की तरफ से किसी तरह क जांच आदेश आया. पाकुड़ में डीसी पाकुड़ दिलीप कुमार झा के खिलाफ सिर्फ पोस्टरबाजी हुई हो ऐसी बात नहीं है. उनके खिलाफ कई तरह के आरोप लगे. सीएम के जनता दरबार तक में शिकायत दर्ज करायी गयी. यहां तक कि पाकुड़ के अनुमंडल पदाधिकारी ने भी डीसी को ऐसी चिट्ठी लिखी जिससे कहीं ना कहीं डीसी शक के घेरे में आते हैं. लेकिन बावजूद इसके किसी तरह की कोई कार्रवाई पाकुड़ डीसी के खिलाफ नहीं हुई.

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अब तक जो-जो आरोप लगे है-

– पाकुड़ डीसी पर अवैध तरीके से बालू बांग्लादेश भेजने का आरोप लगा.

– विधायक साइमन मरांडी ने पीएमओ को पाकुड़ डीसी के खिलाफ चिट्ठी लिखी. लिखा कि डीसी खनन माफिया के साथ मिलकर जिले में अवैध खनन का काम करवा रहे हैं.

– सहायक खनन पदाधिकारी पर कार्रवाई की अनुशंसा के बाद भी डीसी ने कोई कार्रवाई नहीं की. सहायक खनन पदाधिकारी के साथ मिलकर डीसी पर अवैध खनन कराने का आरोप लगा.

– अवैध खनन को रोकने के लिए बने टास्कफोर्स ने बार-बार अवैध खनन की जानकारी सहायक खनन पदाधिकारी को दी, लेकिन आरोप लगा कि डीसी के संरक्षण की वजह से सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा किसी पर कोई कार्रवाई नहीं करते. सिर्फ थोड़ा बहुत जुर्माना लेकर छोड़ देते हैं.

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– जिले में बार और रेस्टोरेंट खोलने के लिए चार दिन में ही पाकुड़ डीसी का फैसला बदल जाता है. चार दिन पहले एक आवेदन को वो खारिज करते हैं. लेकिन बाजेपी में पकड़ रखने वाले एक शख्स को चार दिन के बाद ही बार और रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति दे देते हैं.

– पाकुड़ डीसी के खिलाफ सीएम जनसुनवाई से लेकर पीएमओ तक शिकायत होती है. लेकिन किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होती है.

– जल संसाधन में काम करने वाले एक कनीय अभियंता का तबादला रोकने के लिए डीसी पाकुड़ प्रधान सचिव तो चिट्ठी लिखते हैं. आरोप लगता है कि रांची के ओरमांझी में डीसी पाकुड़ का आवास बन रहा है. उसमें वो अभियंता इनकी मदद कर रहा है.

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