
Colambo: श्रीलंका में प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के सरकारी आवास पर कब्जा कर लिया जिसके बाद राष्ट्रपति राजपक्षे अपने आवास को छोड़कर भाग गए. पुलिस ने शनिवार सुबह प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रपति आवास में घुसने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. हालांकि, इन सब के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी आवास में घुस गए और राष्ट्रपति के स्विमिंग पूल में तैरने लगे.
प्रदर्शनकारियों ने आवास में जमकर बवाल काटा. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में दो पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 30 लोग घायल हो गए. हजारों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन को अवरुद्ध करने वाले पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़ दिया, जहां मार्च के अंत से राजपक्षे को रखा गया है, जब द्वीप-व्यापी विरोध प्रदर्शनों ने उनके इस्तीफे की मांग की थी.
Video footage of Sri Lankan protesters taking over President’s office in Colombo
📸 Buddi U Chandrasiri pic.twitter.com/FINwaaqUat
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उधर, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने स्थिति पर चर्चा करने और त्वरित समाधान के लिए पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई है. प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की अपील की है. श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के 16 सांसदों ने एक पत्र में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से तत्काल इस्तीफा देने का अनुरोध किया है.
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बताया जा रहा है कि कोलंबो स्थित राष्ट्रपति आवास को प्रदर्शनकारियों ने दोपहर में घेर लिया था. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे के आधिकारिक आवास पर जमकर तोड़फोड़ भी की और आवास पर कब्जा कर लिया. बता दें कि श्रीलंका में बिगड़ते आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर आज सरकार विरोध रैली चल रही है.
Protesters inside President’s house pic.twitter.com/lN7x58XL6Q
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उधर, रैली के दौरान श्रीलंका की पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई. हिंसक झड़पों में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है. घायलों को राष्ट्रीय अस्पताल कोलंबो ले जाया गया है.
शुक्रवार को श्रीलंका में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया था. सेना को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस प्रमुख चंदना विक्रमरत्ने ने कहा कि राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार रात नौ बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया है. उन्होंने बताया कि हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को सत्ता से हटाने के लिए शुक्रवार को कोलंबो में प्रवेश किया था जिसके बाद कर्फ्यू का फैसला लिया गया.
शुक्रवार को पुलिस ने कर्फ्यू लगाने से पहले कोलंबो में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें कीं. बताया जा रहा है कि सरकार विरोधी प्रदर्शन में धार्मिक नेताओं, राजनीतिक दलों, शिक्षकों, किसानों, चिकित्सकों, मछुआरों और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं.
📸 Protesters cool down in President’s swimming pool after storming his official residence in Fort. pic.twitter.com/jROaa4NDWy
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आजादी के बाद सबसे बड़ा आर्थिक संकट
श्रीलंका में लोगों को रोजमर्रा से जुड़ी चीजें भी नहीं मिल पा रही हैं या कई गुना महंगी मिल रही हैं. विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खत्म हो चुका है, जिससे वो जरूरी चीजों का भी आयात नहीं कर पा रहा है. सबसे ज्यादा ईंधन की कमी है. पेट्रोल-डीजल पर कई किलोमीटर लंबी लाइनें हैं. विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं.
आर्मी कर रही पेट्रोल पंप की निगरानी
श्रीलंका में आम लोगों की रोज पुलिस, आर्मी और एयरफोर्स के साथ झड़पें हो रही हैं, क्योंकि यहीं पेट्रोल पंप की निगरानी कर रहे हैं. समाज में उग्रता अप्रत्याशित तौर पर बढ़ी है, जो दंगों के रूप में उभर जाती है. स्कूल-कॉलेज, अस्पताल बंद पड़े हैं. लिहाजा युवक घर पर अपने परिवार को बेबस जूझते हुए देखने पर मजबूर हैं.
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