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Jamshedpur : सावधान, बगैर जाने-समझे नहीं उतरे खरकाई नदी में, थोड़ी भी लापरवाही ले लेती है जान, स्वर्णरेखा भी कम खतनाक नहीं

Raj Kishor
Jamshedpur : जमशेदपुर शहर की लाइफ लाइन कही जानेवाली खरकाई और स्वर्णरेखा नदी का थाह लगाना मुश्किल है. यह सच है इन दोनों नदियों में रोज तटीय इलाकों के सैकड़ो लोग नहाने के लिए डुबकी लगाते हैं, लेकिन वे लोग हैं जो नदी के भौगोलिक स्थिति को अच्छी तरह से जानते और समझते हैं. इन नदियों में उतरना उसके लिए घातक हो जाता है जो नदी कि प्रकृति से ठीक तरह से वाकिफ नहीं होता. उसके बाद भी नदी के गहरे पानी में बगैर कुछ जाने-समझे चला जाता है. उस पर यदि किसी तरह की लापरवाही बरता गया तो उसकी कीमत उसे जान से हाथ धोकर चुकानी पड़ती है. ऐसे हालात में एक नहीं, बल्कि कई जानें खरकाई और स्वर्णरेखा नदी में जा चुकी है.

क्या है मुख्य वजह
इसमें कोई शक नहीं है नदियों का उद्गम स्थल पहाड़ ही होता है. फिर भी उसके बाद कौन सी नदी किस तरह के इलाके में बहती है यह उसकी प्रकृति भी तय करती है. इस लिहाज से खरकाई और स्वर्णरेखा नदियां पहाड़ी नदियों की श्रेणी में आती है. बात जमशेदपुर और आसपास के सटे क्षेत्रों की करें तो नदी में भले ही अमूमन पानी कम ही रहे, फिर भी जगह-जगह छोटे पहाड़ीनुमा पत्थर जरूर दिख जाते हैं. उससे भले ही लोग बच जाते हैं लेकिन जिस जगह पर पानी गहरा होता उस जगह पर कम ही लोगों को पता चलता है पानी के भीतर भी कहीं-कहीं स्थिति उसी तरह की रहती है. इससे अनजान कोई भी व्यक्ति गलती से भी उस जगह चला गया तो उसका डूबना तय ही होता है. इस तरह की खरनाक स्थिति एक नहीं, बल्कि कई जगहों पर है. इसके अलावा दोनों नदियों में कई जगहों पर डैम है तो जगह-जगह फिल्टर प्लांट भी है. इसकी भी समझ कम होने पर नदी में उतरनेवालों के लिए खतरा बढ़ जाता है.

बागबेड़ा बड़ौदा घाट है सबसे बड़ा डेंजर जोन
जाननेवाली बात यह भी है कि बागबेड़ा बड़ौदा घाट के पास खरकाई नदी में डूबने से अब तक जितने लोगों की मौत हुई है उतनी मौत खरकाई ही नहीं, बल्कि स्वर्णरेखा नदी में कम ही लोगों की हुई है. इस लिहाज से बड़ौदा घाट नदी का सबसे बड़ा डेंजर जोन माना जाता है. इसकी वजह बागबेड़ा और आदित्यपुर के राधा स्वामी घाट की ओर नदी के दोनों छोर पर पहाड़ीनुमा पत्थर होना ही है. इस घाट पर एक ओर बागबेड़ा के हरहरगुट्टु, डीबी रोड, मतलाडीह समेत आसपास की बस्तियों के लोग काफी संख्या में नहाने के लिए आते हैं. दूसरी ओर आदित्यपुर छोर पर कुलुपटांगा बस्ती और लंकाटोला के अलावा कॉलोनी के लोग भी काफी संख्या में नहाने जाते हैं. इससे नदी कि भौगोलिक स्थिति से ज्यादातर लोग अवगत हो चुके हैं, लेकिन जो गाहे-बगाहे मौज-मस्ती के लिए नदी नहाने जाता है वह नदी के पानी की न तो गहराई भांप पाता है और उसे न ही यह मालूम रहता है कि किस जगह पर जाना खतरे को आमंत्रण देना है. इस कारण ही बड़ौदा घाट पर डूबने से ज्यादातर लोगों की मौत होती है. क्योंकि डैम होने के कारण वहां पानी भी अन्य जगहों से ज्यादा होता है. साथ ही बड़ौदा घाट पर फिल्टर प्लांट भी है, जहां बड़े और मोटे पाइप नदी से जुड़े हैं. इसकी जद में आना भी काफी खतरनाक होता है.
इन डेंजर जोन को भी जानें
खरकाई नदी का आदित्यपुर आसंगी घाट, प्लेटिना सिटी घाट, बाबाकुटी घाट, ट्रांसपोर्ट कॉलोनी घाट, वास्तु विहार से सटा घाट, लंकाटोला व जुगसलाई घाट, रायडीह बस्ती घाट, जयप्रकाश उद्यान घाट, बिष्टुपुर बोधनवाला घाट, शास्त्रीनगर घाट, कदमा भाटिया बस्ती घाट से लेकर सोनारी दोमुहानी, स्वर्णरेखा नदी का कपाली घाट, साकची घाट, मानगो घाट, भुइयांडीह घाट, सिदगोड़ा बाबूडीह घाट व अन्य.
सेल्फी लेने के चक्कर में डूबने से छात्र की हुई थी मौत
बता दें कि बीते 6 जुलाई को खरकई नदी के बड़ौदा घाट पर नहाने के दौरान सेल्फी लेने के चक्कर में 16 वर्षीय विक्रांत सोनी डूब गया था. इससे उसकी मौत हो गई थी. गोलपहाड़ी का रहनेवाला विक्रांत अपने दोस्त और भाई के साथ नदी नहाने गया था. उसका छोटा भाई और दोस्त भी डूबने लगा था, जिसे स्थानीय लोगों ने बचा लिया था. दस दिनों के भीतर खरकाई नदी में डूबने से मौत की यह दूसरी घटना थी.

तीन साल पहले होली की खुशियां बदली थी मातम में
इससे पहले मार्च 2019 में तब होली की खुशियां मातम में बदल गयी थी जब दो घटनाओं में नदी में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई थी. घटना बागबेड़ा थाना क्षेत्र में घटी थी. होली खेलने के बाद 6 लड़के नदी में नहाने गए थे. इसमें तीन लड़के डूब गए थे. इस घटना से तीन परिवारो में मातम छा गया था.

आदित्यपुर में डूबने से हो चुकी है दो छात्रों की मौत
इससे कुछ दिन पहले आदित्यपुर के प्लेटिना सिटी घाट पर डूबने से पास के ही इच्छापुर बस्ती के 15 वर्षीय सागर महतो और 13 वर्षीय सोनू प्रमाणिक की मौत हो गई थी. सागर बिष्टुपुर के रामकृष्ण मिशन स्कूल का दसवीं क्लास का छात्र था, जबकि सोनू पास के ही सरकारी स्कूल में पढ़ता था.

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