
Ranchi : लॉकडाउन में झाऱखंड के कई मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे थे. इनमें से कुछ ऐसे स्थानों में फंसे थे, जिन्हें सड़क मार्ग या ट्रेन से लाना संभव नहीं था. ऐसे में हेमंत सरकार ने मजदूरों को एयरलिफ्ट कराने की कोशिश की. पहल का असर भी दिखा. मुंबई और लेह में फंसे मजदूरों की राज्य वापसी करायी जा चुकी है.
अब राज्य सरकार अंडमान-निकोबार में फंसे प्रवासी मजदूरों को एयरलिफ्ट कराने की तैयारी में है. 4 जून को पोर्ट ब्लेयर में एक विशेष चाटर्ड विमान से मजदूरों को रांची लाया जायेगा. मजदूरों को वापस लाने में दिल्ली की एक कंपनी दिल्ली इन्टरलिंक फूड प्राइवेट लिमिटेड मदद करेगी.
इसे भी पढ़ें – CoronaUpdate: 3 जून को झारखंड में 38 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, कुल संख्या हुई 764
सीएम की अपील का दिखा है असर
बता दें कि फंसे प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार प्रयासरत हैं. इस काम के लिए सीएम ने निजी कंपनियों, पूंजीपतियों को आगे आकर यथासंभव मदद करने की बात की थी. इसका असर भी दिखा है. बेंगलुरु नेशनल लॉ कॉलेज में पढ़ चुके छात्रों ने मुंबई में फंसे मजदूरों को वापस लाने मे यथासंभव सहयोग किया था. अब मुख्यमंत्री की अपील के बाद ही दिल्ली की कंपनी आगे आयी है. कंपनी ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह में फंसे मजदूरों को वापस लाने का जिम्मा लिया है.
इसे भी पढ़ें – Jamshedpur में कोरोना पॉजिटिव युवक अस्पताल से भाग कर घर पहुंचा, ढोल-तासे से घरवालों ने किया स्वागत, पुलिस ने फिर पहुंचाया अस्पताल
सीएम के निर्देश के बाद धनबाद डीसी ने तीरंदाज को पहुंचायी मदद
सीएम हेमंत सोरेन ने धनबाद डीसी को एक निर्देश दिया है. निर्देश राष्ट्रीय स्तर की एक तीरंदाजी को आर्थिक मदद देने का है. सीएम को जानकारी मिली थी कि राष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजी में पदक प्राप्त करने वाली सोनू खातून सब्जी बेच कर जीवन यापन कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह पीड़ादायक है. एक तरफ राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की बेहतरी के सभी उपाय कर रही है. दूसरी तरफ झारखंड का नाम रोशन करनेवाली सोनू सब्जी बेच रही है. सीएम के निर्देश के बाद धनबाद डीसी ने तीरंदाज सोनू खातून को 20,000 रुपये की आर्थिक मदद की है. डीसी ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी जिला प्रशासन उसे हरसंभव मदद करेगा.
इसे भी पढ़ें – Dhanbad के पीएमसीएच में होगी प्रतिदिन 1000 सैंपल की जांच



