न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

6000 के आउटडेटेड मोबाइल को 9000 में खरीद कर आंगनबाड़ी सेविकाओं को बांटने की समाज कल्याण विभाग की तैयारी

इससे पहले भी बंटे थे घटिया फोन, सीएस ने विधानसभा में फोन वापस लेने का दिया था जवाब 

3,149

Akshay Kumar Jha

Ranchi:  सात फरवरी 2019 को पूर्व मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने विधानसभा में प्रदीप यादव के एक सवाल का जवाब दिया. जवाब आंगनबाड़ी सेविकाओं को घटिया मोबाइल फोन देने को लेकर था. जवाब में श्री त्रिपाठी ने माना था कि सेविकाओं के बीच घटिया मोबाइल फोन बंटे हैं. जिन्हें वापस लिया जायेगा.

साथ ही कार्बन कंपनी के K9 4G मॉडल को भी झारखंड में डिबार भी कर दिया गया. आंगनबाड़ी से मोबाइल वापस लेने का काम कहां तक पहुंचा है, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है. समाज कल्याण विभाग की तरफ से घटिया मोबाइल बांटने पर राज्य भर में काफी बवाल हुआ था.

इसे भी पढ़ेंःइस गर्मी में भी आधी रांची को समय पर नहीं मिल रहा पानी, लोगों की बढ़ी परेशानी

बावजूद इसके फिर से समाज कल्याण विभाग टेंडर कर घटिया मोबाइल फोन खरीद कर आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच बांटने की तैयारी कर रहा है. सारा काम विभाग के निदेशालय और ई-टेंडर कराने वाले विभाग जैप आईटी की तरफ से किया जा रहा है. करीब 30 हजार मोबाइल खरीदने की योजना है.

Mayfair 2-1-2020

Karboon हुआ बैन, अब Panasonic का आउटडेटेड मोबाइल बांटने की है तैयारी 

Karboon कंपनी का मोबाइल बैन होने के बाद अब Panasonic कंपनी का मोबाइल खरीदने की तैयारी विभाग कर रहा है. विभाग Panasonic के Panasonic Eluga I-7 मॉडल का फोन खरीदने की तैयारी कर रहा है.

यह मोबाइल पूरी तरह से आउटडेटेड है. इस मोबाइल की खुदरा बाजार में कीमत करीब 6000 रुपए है. इसके फीचर्स की बात करें तो Operating System. Android v7.0 (Nougat), 5.45 inches (13.84 cm) bezel-less display. MediaTek MT6737 Quad core Processor. 2 GB RAM. 16 GB internal storage, expandable upto 128 GB. 8 MP Rear Camera. 4000 mAh battery.

Sport House

निश्चित तौर पर 4 GB RAM और 64 GB Internal Storage वाले जमाने में विभाग जिस मोबाइल को खरीदने की तैयारी कर रहा है, वो आउटडेटेड है और साथ ही झारखंड में कहीं भी इस कंपनी का न तो सर्विस सेंटर है और न ही आउटलेट.

इसे भी पढ़ेंःदर्द-ए-पारा शिक्षक: पत्नी की सिलाई से चलता है घर, पैसों के अभाव में बेटा कई परीक्षाओं से हुआ वंचित

कैसे बुना जा रहा है जाल

ई-टेंडर होने के बाद कई वेंडर मोबाइल प्रोडक्ट्स लेकर आ रहे हैं. इनमें से दो सैमसंग और एक विवो कंपनी के वेंडर हैं. सैमसंग और विवो का जो मोबाइल टेंडर में भरा गया है, वो ऊंची कीमत के हैं. बाजार में इन मोबाइल की कीमत 9500-10000 रुपए तक है.

ऐसे में Panasonic कंपनी का मोबाइल जिसकी बाजार में कीमत महज 6000 है, उसे बढ़े हुए मूल्य पर दिखाया जा रहा है. लेकिन सैमसंग और विवो के प्रोडक्ट्स से कम. जाहिर तौर पर टेंडर के दौरान Panasonic प्रोडक्ट एल-वन कैटेगेरी में आ जाएगा और विभाग की तरफ से उसे खरीदा जाएगा.

महाराष्ट्र और बिहार में भी लग चुके हैं मोबाइल खरीद में घोटाले के आरोप

ऐसा नहीं है कि यह काम पहली बार किसी राज्य में हो रहा है. इससे पहले महाराष्ट्र की महिला बाल विकास कल्याण विभाग की मंत्री पंकजा मुंडे पर 106,82,13,785 रुपए के मोबाइल खरीदी पर घोटाले का आरोप लग चुका है.

बिजनेस स्टैंडर्ड  में छपी एक खबर के मुताबिक, एनसीपी के नेता धनंजय मुंडे ने सरकार पर सस्ती मोबाइल महंगे में खरीद कर घोटाला करने का आरोप लगाया था. आरोप था कि 6000 कीमत वाले मोबाइल को 8877 रुपए में खरीदा गया है.

वहीं बिहार में यह आरोप सरकार पर लग चुका है. रालोसपा ने समाज कल्याण विभाग में स्मार्ट फोन खरीद में वित्तीय घोटाला का आरोप लगाया था.

रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अक्टूबर 2018 में विभाग ने 33 हजार 914 स्मार्ट फोन खरीदे. इस मद में 31 करोड़ 04 लाख का भुगतान किया गया. भुगतान राशि के अनुसार, प्रति फोन की कीमत 9153 रुपए ही हुई.

लेकिन जिस फोन की खरीदारी हुई, उस समय बाजार में इसकी कीमत सात हजार से भी कम थी. यही नहीं, जिस मोबाइल की खरीद की गई, उसके फीचर्स और मेमोरी कम होने के कारण यह बाजार में नहीं चल रहे थे.

बाजार दर से दो हजार प्रति मोबाइल अधिक भुगतान कर विभाग ने छह करोड़ 78 लाख अधिक दिए. 33 हजार फोन खरीदने के लिए अगर कंपनी से बात की गई होती तो बाजार से भी कम पैसे देने पड़ते, लेकिन विभाग ने अधिक भुगतान किया.

SP Jamshedpur 24/01/2020-30/01/2020

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like