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प्रेम सागर व मुकेश जालान हत्याकांड का अब तक नहीं हुआ खुलासा, अपराधियों का नहीं मिला कोई सुराग 

Ranchi: राजधानी रांची में 2 मार्च को हुए प्रेम सागर मुंडा और 6 फरवरी को हुए मुकेश जालान हत्याकांड का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है. इन हत्याओं में शामिल अपराधियों का पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है.

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दोनों हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए रांची पुलिस के द्वारा एसआईटी टीम का गठन किया है. लेकिन अबतक इन दोनों हत्याकांड में एसआईटी टीम कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है.हालांकि रांची पुलिस दोनों मामले की जांच में जुटी हुई है.

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मुकेश जालान की हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं

मुकेश जालान की हत्या अपराधियों ने किस वजह से हत्या की अबतक इसके पीछे की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पायी है. मुकेश जालान हत्याकांड के मामले में रांची पुलिस महिंद्रा फाइनेंस से किसी प्रकार का विवाद या प्रेम-प्रसंग से जुड़े विवाद के बिंदू पर जांच कर रही है.

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मुकेश के परिजनों ने पुलिस को बताया है कि करीब 8 साल से मुकेश महिंद्रा फाइनेंस कंपनी में काम करता था. फाइनेंस के अलावा सीजर विभाग का भी काम वह देखता था. इसलिए पुलिस किसी सीजर के मामले का विवाद भी खंगाल रही है, हालांकि परिजनों ने अब तक किसी भी प्रकार के विवाद होने की बात से इनकार किया है.

हत्या से संबंधित सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास है, लेकिन हत्या के महीनों बीत जाने के बाद भी रांची पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पायी है. गौरतलब है कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के किशोरगंज रोड में 6 फरवरी की देर रात महिंद्रा फाइनेंस में काम करने वाले मुकेश जालान हत्या कर दी गयी थी.

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प्रेम सागर के हत्यारों को बिहार में खोज रही पुलिस

बरियातू थाना क्षेत्र के मोराबादी स्थित होटल पार्क प्राइम के पास 2 मार्च की शाम बीजेपी नेता सह सीसीएल कर्मी और टेरर फंडिंग के आरोपी प्रेम सागर मुंडा की हत्या कर दी गयी थी. इस हत्याकांड में अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिले हैं.

शूटरों की पहचान की कोशिश की जा रही है. अब तक की जांच में पुलिस को पता चला है कि बिहार के शूटरों ने रांची आकर प्रेम सागर की हत्या की और फिर फरार हो गये. इस मामले में शामिल हत्यारों की तलाश में रांची पुलिस की टीम पिछले कई दिनों से बिहार में कैंप कर रही है.

गौरतलब है कि 2 मार्च की शाम करीब सात बजे के करीब प्रेम सागर मुंडा अपनी कार (जेएच-01बीटी-0009) से मोरहाबादी स्थित पार्क प्राइम होटल के पास रुका हुआ था. इसबीच वहां पहुंचे अपराधियों ने उससे बातचीत की और फिर अचानक उसपर गोलियां चलाने लगे. गोलियों की आवाज सुनकर वहां भगदड़ मच गयी. गोली मारे जाने के बाद अपराधी मान्या पैलेस के बगल से एदलहातू के रास्ते भाग निकले थे.

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टीपीसी संगठन ने हत्या में अपनी संलिप्तता से किया था इनकार 

उग्रवादी संगठन टीपीसी के दक्षिणी छोटानागपुर जोनल कमेटी के विक्रांत ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि प्रेम सागर मुंडा की हत्या टीपीसी ने नहीं की है. उसकी हत्या से संगठन भी दुखी है. पुलिस ने इस मामले की लीपापोती करने के लिये कह दिया कि प्रेमसागर पर टीपीसी से सौ करोड़ रुपये की लेवी के हिसाब का मामला चल रहा था. पुलिस की यह बात बेबुनियाद है.

एक-एक कर स्थानीय लोगों की हत्या हो रही है और पुलिस केवल उसकी लीपापोती कर रही है. राजधानी में प्रेमसागर की हत्या होती है और पुलिस अपना दामन बचाने के लिये बिना समय गंवाये टीपीसी का नाम ले लेती है. यह सोची समझी चाल है.

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