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प्रणामी इस्टेट्स के संतुष्टि अपार्टमेंट की जमीन पर शुरू से ही रहा है किचकिच

राजधानी में प्रणामी के 11 से अधिक व्यावसायिक और आवासीय अपार्टमेंट हैं

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वृंदावन के सदानंद जी महाराज के श्रीकृष्ण प्रणामी ट्रस्ट से भी जुड़े हैं प्रमोटर

Ranchi : प्रणामी इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड के करबला चौक में बन रहे संतुष्टि अपार्टमेंट की जमीन शुरू से ही विवादों के कारण काफी चर्चित रही है. अब इस जमीन पर शानदार बहुमंजिला इमारत बन कर तैयार है. राजधानी का इसे सबसे महंगा फ्लैट माना जा रहा है. इसे प्रणामी इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड ने बनाया है. यहां यह बताते चलें कि रांची में आधा दर्जन से अधिक जगहों पर विवादित जमीन पर बहुमंजिली इमारतें बनायी गयी हैं, जिससे संबंधित मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं. ऐसी इमारतें प्रोबेट मामले, पार्टीशन शूट से जुड़ी जमीन पर बनायी गयी हैं.

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आजादी के बाद से ही शुरू हो गयी थी जमीन की किचकिच

आजादी के बाद राय बहादुर शरत चंद्र राय के पुत्र दिनेश चंद्र राय, भवेश चंद्र राय, सुधूंसंजीनी राय और मीरा राय ने जमीन के मालिकाना हक को लेकर पार्टीशन शूट दायर कर रखा था. जमीन पर सब अपने-अपने तरीके से मालिकाना हक जता रहे थे. यह पार्टीशन शूट 1954 में दाखिल किया गया था. इसके बाद 110 कट्ठा की संपत्ति पर प्रोबेट केस भी 60 के दशक में दायर किया गया. यहां यह बताते चलें कि वर्तमान में जया घोष और इशा राय जो भवेश चंद्र राय की बेटियां हैं, में से एक ने जमीन को विकसित करने के लिए किसी थर्ड पार्टी के साथ समझौता किया. इनकी मां रेबा राय अब जीवित नहीं हैं. जया घोष और ईशा राय के माता-पिता अब दोनों जीवित नहीं हैं. दोनों का निधन 1958 और 1975 में हुआ है. अविभाजित बिहार के समय रांची में 30 कट्ठा से अधिक जमीन रहने पर रैयतों की जमीन को शहरी भू हदबंदी कानून-1975 के दायरे में शामिल कर लिया गया. इसके तहत रांची, धनबाद और जमशेदपुर के एक हजार से अधिक रैयतों की जमीन को शामिल कर लिया गया था.

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जया घोष ने कुंदन वर्मा को दे दी पावर ऑफ अटार्नी

जानकारी के अनुसार जया घोष ने जमशेदपुर निवासी एसपी वर्मा के पुत्र कुंदन वर्मा को 9.3.2011 को पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिये 110 कट्ठा जमीन को डेवलप करने के लिए समझौता किया. यह समझौता 14.48 कट्ठा, 10.35 कट्ठा, 23.275 कट्ठा और 23.275 कट्ठा के तहत चार भागों में किया गया. इसके बाद कुंदन वर्मा से एमएस प्लाट संख्या 371, 372, 376, 377, 379, 380 और 382 का पावर ऑफ अटोर्नी नीतीश कुमार अग्रवाल को ट्रांसफर कर दिया. नीतीश अग्रवाल, प्रणामी इस्टेटस के प्रमोटर विजय अग्रवाल के पुत्र हैं. ये कांके रोड के कुंज अपार्टमेंट में रहते हैं. इससे पहले उपरोक्त जमीन को राजकुमारी देवी सरावगी, अंजना सरावगी, आलोक कुमार सरावगी, रश्मी सरावगी, संतोष कुमार जैन, विजय कुमार जैन ने अपने नाम से निबंधित कराया था. 2014 में जमीन की खरीद-बिक्री की गयी है.

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वृंदावन के श्रीकृष्ण प्रणामी ट्रस्ट से जुड़ा है नाम

प्रणामी इस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड का नाम वृंदावन के सदानंद जी महाराज के ट्रस्ट श्रीकृष्ण प्रणामी सेवा ट्रस्ट से भी जुड़ा है. इस ट्रस्ट का विस्तार रांची में एमआर श्रीकृष्ण सेवाधाम ट्रस्ट समिति के नाम से किया गया है. इसके न्यासी में ज्यादातर लोग विजय अग्रवाल के परिवार के हैं, जिसमें खुद विजय अग्रवाल, सरिता देवी अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, नवल अग्रवाल, और राजू अग्रवाल के नाम भी हैं. ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजू अग्रवाल, संरक्षक जगदीश छावनिका हैं. समूह की तरफ से मोरहाबादी, कांके रोड और अन्य जगहों पर 11 से अधिक बहुमंजिली इमारतें बनायी गयी हैं. कांके रोड में भी संतुष्टि, मोरहाबादी में प्रणामी परमसुख, प्रणामी मंगलदीप, एकता नगर में प्रणामी कृष्णा रेसीडेंसी, ग्रीन रेसीडेंसी, प्रणामी हाईट कामर्शियल, प्रणामी ब्लू सैफायर, कोजी कारनर, ग्रीन व्यू हाइट्स, हैबिटेट बनाया गया है.

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