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मैंडेज कर्मियों का हंगामा, भुगतान की मांग को ले अधिकारियों को बनाया बंधक

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Chatra : जहां एक ओर पूरा देश नवरात्र के जश्न में डूब चुका है. वहीं दूसरी ओर दिनरात मेहनत कर लोगों के घरों को रौशन करने वाले विद्युतकर्मियों के घरों में रोटी के लाले पड़ गए हैं. टाप्स ग्रुप में अनुबंध पर काम करने वाले जिले भर के करीब 125 कर्मियों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. उक्त स्थित विगत आठ माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण उत्पन्न हुई है. बकाया मानदेय भुगतान की मांग को ले अब विद्युतकर्मी गोलबंद होकर आंदोलन की योजना बना चुके हैं. इसी के तहत कर्मियों ने विद्युत आपूर्ति प्रमंडल कार्यालय में जमकर हंगामा किया.

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विद्युत व्यवस्था ठप करने की दी चेतावनी

बकाया मानदेय भुगतान और मृत कर्मी रवि मिश्रा के आश्रितों को मुआवजा की मांग को ले आक्रोशित कर्मियों ने न सिर्फ हंगामा किया बल्कि घंटों तक विभाग के एई व जेई को कार्यालय में बंधक बनाए रखा. इस दौरान कार्य भी पूरी तरह ठप करा दिया. आंदोलित विद्युतकर्मियों ने विभागीय अधिकारियों को दो दिनों के भीतर मांग को पूरा करने की चेतावनी दी है. कहा कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो दो दिनों के बाद जिले भर के कर्मी आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे. साथ ही जिले भर में विद्युत व्यवस्था भी ठप करा दिया जाएगा.

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दस महीने तक का मानदेया का हुआ है भुगतान

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गौरतलब है कि जिले भर के विभिन्न प्रखंडों में नियमित विद्युतापूर्ति को ले 124 कर्मी टाप्स ग्रुप नामक एजेंसी ने अनुबंध पर बहाल कर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल को सुपुर्द किया है. ये कर्मी दिन रात जान जोखिम में डालकर आपूर्ति प्रमंडल में अपनी सेवा दे रहे हैं. लेकिन करीब 18 माह पूर्व बहाल इन कर्मियों को एजेंसी द्वारा महज दस माह का ही मानदेय भुगतान किया गया है. ऐसे में आठ माह के मानदेय का बकाया भुगतान की मांग को ले कर्मी लगातार आंदोलित हैं.

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हंगामे के बाद अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे

लेकिन सबसे मजे की बात तो यह है कि दिनरात कर्मियों से काम कराने वाले आपूर्ति प्रमंडल के अधिकारियों को एजेंसी के कार्यालय का पता है और न ही मानव दिवस कर्मियों को. ऐसे में एजेंसी कर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान किए बगैर मुख्यालय से रफूचक्कर हो गया हैं. इधर कर्मियों के हंगामे के बाद अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे हैं. बावजूद वो कार्यालय का अता पता नहीं होने की बात कह कर भुगतान कराने में अपनी असमर्थता जता रहे हैं.

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