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प्रदीप बलमुचू, सुखदेव भगत की कांग्रेस में वापसी की राजनीति पर मचा है घमासान!

♦प्रदीप बलमुचू को पार्टी में लाने से सुखदेव समर्थक गुट होंगे हावी, बदलेगा लोहरदगा का समीकरण

 ♦विधायकों के नाराजगी के साथ कांग्रेस में हो रही कुछ और ही राजनीति

Nitesh Ojha

Ranchi:  झारखंड कांग्रेस की गतिविधि को लेकर पिछले दो दिनों से मीडिया में खबर आ रही है. खबर पार्टी विधायकों की नाराजगी को लेकर है. बताया जा रहा है कि पार्टी के कुछ विधायक “एक व्यक्ति एक पद” की मांग पर अड़े हैं. हालांकि संगठन में चल रही इस उठापटक के पीछे की वास्तविक राजनीति कुछ और ही है.

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ कुछ विधायकों में नाराजगी तो है, लेकिन उससे ज्यादा विवाद वैसे नेता जो विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ दूसरे दलों में गये थे, उन्हें पार्टी में वापस लाने को लेकर है. ऐसे नेताओं में प्रदीप कुमार बलमुचू, सुखदेव भगत के नाम सबसे अधिक

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इंटक के एक गुट वाले नेता से है प्रदीप बलमुचू का संबंध

बताया जा रहा है कि पार्टी के एक दिग्गज नेता कोल्हान क्षेत्र में दबदबा रखने वाले प्रदीप बलमुचू को दोबारा पार्टी में वापस लाना चाहते हैं. उस नेता और प्रदीप बलमुचू का संबंध इंटक के एक गुट से भी रहा है. बताया जा रहा है कि नाराज तीनों विधायक इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला और राजेश कच्छप को दिल्ली शीर्ष नेतृत्व तक ले जाने में उनकी भूमिका काफी थी.

पार्टी मुख्यालय में भी इस बात की चर्चा काफी जोरों से है. कई नेता दबे स्वर पर यह बता रहे हैं कि उपरोक्त तीनों विधायक के प्रदेश नेतृत्व से नाराज होने की खबर के पीछे कुछ और ही राजनीतिक खेल खेली जा रही है.

बदलेगा लोहरदगा का राजनीतिक समीकरण

प्रदीप बलमुचू को दोबारा पार्टी में लाने से लोहरदगा की राजनीति भी बदल सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि उनके आने से पार्टी छोड़कर गये सुखदेव भगत समर्थक गुट फिर से हावी हो सकते हैं. बलमुचू के आने से सुखदेव भगत को फिर से पार्टी में लेने की आवाज उठेगी. इससे लोहरदगा का राजनीतिक समीकरण बिगड़ेगा. वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव लोहरदगा से ही विधायक हैं.

सुखदेव भगत के बीजेपी में शामिल होने के बाद ही उनका लोहरदगा से टिकट कंन्फर्म हुआ था. प्रदेश अध्यक्ष और सुखदेव भगत के बीच के राजनीतिक अनबन से सभी वाकिफ हैं. जाहिर है कि प्रदीप बलमुचू के आने से सुखदेव भगत को पार्टी में लाने की बात उठेगी, जो लोहरदगा की राजनीति को बदल देगा.

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8 Comments

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