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सूबे में गहराया बिजली संकट, अब सिकिदिरी हाइडल भी बंद, चार साल में एक मेगावाट भी नहीं बढ़ा उत्पादन

Ranchi: सूबे में 24 घंटे बिजली देने और घर-घर रौशन करने का सरकारी दावा जमीनी हकीकत से कोसों दूर है. पिछले चार साल में लाख दावे के बाद भी एक मेगावाट बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ा. इस वजह से सूबे में अंधेरा गहरा रहा है. रविवार को राज्यभर में बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी रही. सोमवार को भी यही स्थिति बनी हुई है. वजह यह है कि कोयले की कमी के कारण पिछले दो दिन से टीवीएनएल की दोनों यूनिटों से उत्पादन ठप रहा. सोमवार को टीवीएनएल की एक यूनिट से 166 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई. वहीं पानी की आपूर्ति बंद होने से 130 मेगावाट क्षमता वाले सिकिदिरी हाइडल से उत्पादन ठप हो गया है. हाइडल प्रोजेक्ट को गेतलसूद डैम से पानी की आपूर्ति होती है.

सिकिदिरी के बंद होने से हर दिन नौ करोड़ का नुकसान

वहीं सिकिदिरी के बंद होने से हर दिन सरकार को नौ करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. इस पावर प्लांट से बिजली उत्पादन में 90 पैसा से एक रुपये प्रति यूनिट की खर्च होता है. अगर इसकी दोनों यूनिटें (65-65 मेगावाट) चलें तो एक दिन में ढ़ाई मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति की जा सकती है. इससे लगभग नौ करोड़ रुपये की बचत होगी. जबकि सरकार निजी कंपनियों से 3.50 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 8 रुपये प्रति यूनिट तक की बिजली खरीदती है.

जल संसाधन विभाग ने रोका पानी

जलसंसाधन विभाग ने सिकिदिरी हाइडल के लिये गेतलसूद डैम से पानी की आपूर्ति बंद कर दी है. जलसंसाधन विभाग के अनुसार 1925 फीट तक पानी रहने पर हाइडल प्लांट के लिये आपूर्ति की जाती है. बिजली वितरण निगम ने  जलसंसाधन व पेयजल विभाग से आग्रह किया है कि प्लांट चलाने के लिये पानी की आपूर्ति की जाये.

पिछले साल की तुलना में कम उत्पादन

सिकिदिरी हाइडल से पिछले साल की तुलना में इस साल काफी कम बिजली का उत्पादन हुआ. पिछले साल 290 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ था. इस साल जनवरी से लेकर दिसंबर के पहले सप्ताह तक सिर्फ 95 मिलियन यूनिट का ही उत्पादन हुआ. हाइडल प्रोजेक्ट के प्रबंधन के अनुसार इस साल बारिश की वजह से डैम में पानी की उपलब्धता कम रही. अगर पानी उपलब्ध हो और यूनिट हर दिन 24 घंटा चले को बिजली उत्पादन का खर्च भी आधा होगा.

सोमवार को दिन 12 बजे तक क्या रही पावर की स्थिति

टीवीएनएल – 166 मेगावाट

सिकिदिरी – शून्य

सीपीपी –  शून्य

इंलैंड – शून्य

सेंट्रल एलोकेशन –  479 मेगावाट

आधुनिक – 103 मेगावाट

एसइआर – 48

बिजली की कमी –  267 मेगावाट

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