न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति: हिन्दी विषय को लेकर फंसा पेंच, जेएसएससी ने विभाग को लिखा पत्र

विभाग के जवाब के बाद ही होगी हिन्दी शिक्षकों बहाली

2,873

Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में सफल अभ्यार्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु कर दी है. आयोग ने संताल परगना प्रमंडल के जिलों का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया. इसके बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा संताल परगना प्रमंडल के जिलों के सफल अभ्यार्थियों को जिला स्तर पर नियुक्ति पत्र भेजे जा रहे हैं. नियुक्ति पत्र की खबर जैसे ही हिन्दी के अभ्यार्थियों के बीच पहुंची तो उनमें बेचैनी बढ़ गयी है, हिन्दी के अभ्यार्थियों का फाइनल रिजल्ट अबतक जारी नहीं किया गया है. आयोग द्वारा जारी अबतक के जिलावार फाइनल रिजल्ट में हिन्दी विषय का रिजल्ट नहीं दिया गया है.

हिन्दी विषय में फंसा पेंच 

हिन्दी विषय की पढ़ाई राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के सभी संकायों में की जाती है. इसी के आधार पर कई छात्रों ने हिन्दी विषय के लिए आवेदन किया है. इसमें ऐसे भी छात्र है, जिनका स्नातक में हिन्दी विषय सब्सिडरी पेपर था और वैसे भी छात्र हैं, जिन्होंने मॉडल इंडियन लैंग्वेज(एमआइएल) के रूप में हिन्दी की पढ़ाई की है. अब लिखित परीक्षा में ऐसे अभ्यार्थी भी पास कर गये हैं. ऐसे में आयोग के समक्ष समस्या आ गयी है कि किन अभ्यार्थियों को फाइनल लिस्ट में शामिल किया जाये और किनको नहीं शामिल किया गया जाये.

 आयोग ने लिखा विभाग को पत्र

हिन्दी विषय के फाइनल रिजल्ट में आयी समस्या को लेकर आयोग ने कई बार स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभागा को पत्र लिखा है. लेकिन अबतक इस दिशा में विभाग की ओर से कोई पत्राचार अयोग को नहीं किया गया है. आयोग के परीक्षा नियंत्रक योगेंद्र दुबे ने कहा हिन्दी विषय की समस्या को लेकर विभाग को अवगत करा दिया गया है, कई बार पत्राचार के बाद विभाग की ओर से जवाब नहीं मिलने के कारण हिन्दी विषय को रिजल्ट रोका गया है. निर्धारित समय पर विभाग आयोग को जवाब नहीं देता है आयोग अपने स्तर से हिन्दी का फाइनल रिजल्ट जारी कर कर देगा.

कौन बन सकता है हिन्दी का शिक्षक

हाइस्कूल में हिन्दी शिक्षक उसी को बनाया जा सकता है, जिसने तीन वर्ष के स्नातक की पढ़ाई के दौरान तीनों सालों में हिन्दी विषय की पढ़ाई अनिवार्य रूप से की हो. स्नातक के साथ बीएड कोर्स किया हो तभी वह हाइस्कूल हिन्दी शिक्षक बन सकता है.

इसे भी पढ़ेंः खिलाड़ियों से खेल ! स्पोर्ट्स कोटा से 2 फीसदी जॉब देने की थी बात, 18 सालों में मिली सिर्फ 5 नौकरी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: