
- झारखंड पुलिस इस लाल आतंक का अंत चाहती है
Anuj Tiwari
Ranchi: नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) का सरगना दिनेश गोप झारखंड पुलिस ही नहीं, एनआइए के लिए भी सिरदर्द बन चुका है. इसीलिए अब झारखंड पुलिस उसे किसी भी रूप में पकड़ने की तैयारी में है.
पांच लाख के ईनामी नक्सली दिनेश गोप को जिंदा या मुर्दा पकड़ने की कमान मुख्य रूप से तीन जिलों के पुलिस कप्तानों को दी गयी है जिनमें रांची के एसएसपी और खूंटी व पश्चिमी सिंहभूम के एसपी शामिल हैं. विभिन्न जिलों में इसकी तलाश में लगातार छापेमारी अभियान भी चलाया जा रहा है.
अभी तक दिनेश गोप व उसके संगठन के साथ पुलिस की आधी दर्जन मुठभेड़ हो चुकी है लेकिन हमेशा ही पुलिस को मात खानी पड़ी है. इसीलिए पुलिस मुख्यालय ने दिनेश गोप को अब किसी भी हाल में पकड़ने की रणनीति पर काम कर रही है.
मालूम हो कि नक्सली दिनेश गोप को पकड़ने के लिए झारखंड पुलिस 16 वर्षों से प्रयास कर रही है. इससे पहले ही दिनेश गोप को पकड़ने वाले पुलिस को आउट ऑफ टर्म प्रमोशन देने और साथ ही गैलेंट्री आवार्ड से भी नवाजे जाने की बात थी. डीजीपी एमवी राव का कहना है कि कि नक्सलियों को पकड़ने के लिए पुलिस हर संभव काम कर रही है और इसमें कामयाबी भी मिल रही है. लगातार छापेमारी में नक्सली कमजोर पड़ रहे हैं. दिनेश गोप की तलाश जारी है.
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ड्रोन से लेकर हेलीकॉप्टर से की जा रही है निगरानी
दिनेश गोप को पकड़ने के लिए आधुनिक तरीके भी अपनाये जा रहे हैं. अभी तक हेलीकॉप्टर से लेकर ड्रोन तक का इस्तेमाल किया जा रहा है. पीएलएफआइ से जुड़े नक्सलियों की हर गतिविधि पर नजर रखने की कोशिश की जा रही है. अभी दो दिन पहले ही दिनेश गोप के चाईबासा के बंदगांव में छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद जगुआर के जवानों ने तुरंत कार्रवाई की लेकिन एक बार फिर पुलिस को निराशा ही हाथ लगी. हालांकि इस मुठभेड़ में भारी मात्रा में हथियार जरूर बरामद किये गये हैं.
आइजी साकेत कुमार बताते हैं कि दिनेश गोप को पकड़ने के लिए जो छापेमारी की गयी है उससे उसमें पुलिस को कई सफलता मिली है. हाल में ही नक्सली भाग खड़े हुए लेकिन कई हथियार बरामद किये गये.
इससे पहले एपीएलएफआइ कमांडर मारा जा चुका है
पीएलएफआइ एरिया कमांडर दिनेश साहू 2015 में खूंटी में पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है. उस वक्त पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी थी. दिनेश साहू पर बलात्कार, लूट, अपहरण व हत्या समेत 25 मामले दर्ज थे और पुलिस को उसकी काफी दिनों से तालाश थी. ऐसा माना जा रहा था कि इसके बाद इसका सरगना दिनेश गोप कमजोर पड़ जाएगा और पुलिस उसे आसानी से मार गिराएगी. लेकिन इसके बाद लगातार उसका आतंक बढ़ता गया.
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एक सप्ताह में सात नक्सली गिरफ्तार हो चुके हैं
पुलिस की लगातार छापेमारी के बेहतर परिणाम भी मिल रहे हैं. खूंटी से ही पीएलएफआइ के सात नक्सलियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इसके अलावा हाल में ही रांची से पीएलएफआइ के नाम पर 50 लाख रंगदारी मांगने वाले तुलसी पाहन की गिरफ्तारी की गयी, जिसके बाद दिनेश गोप के बारे में भी पुलिस को कई खास जानकारी मिली है. उसने बताया है कि खूंटी के रनिया के जंगलों में दिनेश गोप ने हथियार बनाने की फैक्ट्री तैयार की है और वहीं से बने हथियारों से अब घटनाओं को अंजाम भी देता है.
नक्सली दिनेश गोप के नाम पर रंगदारी का आतंक
– आइएमए सचिव डॉ शंभू प्रसाद से 20 लाख रुपयी की मांगी गयी रंगदारी
– धुर्वा के व्यवसायी संदीप कुमार से मांगी गयी 50 लाख की रंगदारी
– बरियातू इलाके के एक बिल्डर से रंगदारी के तौर पर दो करोड़ रुपये मांगे गये थे
– तुपुदाना के अनीश शर्मा और राइस मिल के संचालक प्रवीण कुमार से एक-एक करोड़ रुपये रंगदारी मांगी गयी थी
– अपर बाजार के कारोबारी से 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी गयी
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