
Patna : बिहार में पुलिसिंग को दुरुस्त करने के लिए डीजीपी ने सुस्त पड़ चुके थानों की जांच कराने का फैसला किया था. इसके लिए पुलिस मुख्यालय के सीनियर अधिकारियों को जांच का जिम्मा दिया गया. ऐसे थाने जहां लंबित कांडों की संख्या ज्यादा है वहां जांच का काम शुरू भी हो गया है. सीनियर पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग जिलों के 28 थानों का जायजा लिया. अधिकारियों ने लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को टिप्स दिए.
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वरीय अधिकारियों ने लिया थानों का जायजा
इन अधिकारियों ने थाना स्तर पर बरती जा रही लापरवाही की भी पहचान की है. डीजीपी एसके सिंघल ने पिछले दिनों राज्य के सबसे अधिक लंबित कांडों वाले 216 थानों की पहचान की थी. विशेष शाखा के एडीजी सुनील कुमार ने छपरा के मुफस्सिल थाने का जायजा लिया यहां कई मामले ऐसे मिले जिसकी जांच चार-पांच वर्षों से लंबित है. उन्होंने लंबित मामलों का निपटारा तेजी से करने का आदेश दिया. एडीजी पारसनाथ ने वैशाली के लालगंज थाना का निरीक्षण किया.
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एडीजी आधुनिकीकरण डॉ. कमल किशोर सिंह ने मधुबनी सदर, एटीएस के एडीजी रविन्द्र शंकरण ने मुजफ्फरपुर टाउन और एडीजी विधि-व्यवस्था संजय कुमार सिंह ने दरभंगा सदर थाना का जायजा लिया है. इसके अलावा भी कई पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग थानों का दौरा करते हुए कामकाज की समीक्षा की. लंबित मामलों की जांच, कुर्की जब्ती और वारंट तामिला के साथ साथ अभियुक्तों की गिरफ्तारी के मामले में सबसे अधिक गडबडी मिली है.
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