
Dhanbad : स्कूल मैदान के बीच से सड़क निर्माण का विरोध कर रहे बच्चों पर गुरुवार को आरपीएफ के जवानों ने लाठी चला दी. बताया जाता है कि इस घटना में कई बच्चे चोटिल भी हुए हैं. पुराना बाजार स्थित डीएवी प्लस टू के बच्चे झारखंड अस्मिता जागृति मंच के बैनर तले काफी दिनों से आंदोलन कर रहे थे.
उनका कहना है कि रेल प्रशासन स्कूल मैदान के बीच से सड़क निर्माण करवा रहा है. गुरुवार की सुबह आरपीएफ के जवान सड़क निर्माण का काम शुरू करवाने के लिए धरना हटाने पहुंचे. लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग रहे. आरपीएफ के उग्र तेवर को देखते हुए आंदोलनकारियों ने स्कूल के बच्चों को आगे कर दिया, जिससे कई बच्चे भी इस घटना में चोटिल हो गये.
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लाठीचार्ज करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की
इस घटना के विरोध में आंदोलनकारियों ने बैंक मोड़ में आगजनी कर सड़क जाम कर दिया. जाम के दौरान स्कूल के मैदान के बीच से सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे. साथ ही उन्होंने लाठीचार्ज करने वाले आरपीएफ जवानों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की.
लोगों कगे विरोध की वजह की लंबा सड़क जाम लग गया. गया पुल से लेकर मटकुरिया तक वाहनों का लंबा काफिला लग गया. समाचार लिखे जाने तक आंदोलनकारी सड़क पर डटे हुए थे. वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात थे.
सड़क निर्माण होने से स्कूली बच्चों के भविष्य पर उत्पन्न होगा संकट
बताया जाता है कि स्कूल के बीच से सड़क निर्माण के विरोध में लगभग 10 दिनों से लोग आंदोलन कर रहे हैं. उनका कहना है कि स्कूल मैदान के बीच से सड़क निर्माण होने से उनका मैदान छिन जायेगा.
मैदान छिन जाने से स्कूल के बच्चों को खेलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. साथ ही मैदान नहीं होने की स्थिति में स्कूल की मान्यता पर भी संकट मंडरा सकता है. आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए रेलवे के पास वैकल्पिक रास्ता मौजूद है.
इसके बावजूद रेलवे जानबूझकर स्कूल मैदान के बीच से सड़क निर्माण कर रहा है. इससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर खतरा उत्पन्न हो जायेगा.
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बच्चों को किया गया आगे
इस संबंध में आरपीएफ के असिस्टेंड कमांडेंट बीके सिंह ने कहा कि हमलोग शांतिपूर्ण तरीके से सड़क निर्माण का कार्य कराने पहुंचे थे. लेकिन आंदोलन करने वालों ने स्कूली बच्चों को आगे कर दिया. साथ ही उन्होंने स्कूली बच्चों पर लाठीचार्ज करने की बात से इंकार किया.
काफी पहले खत्म हो गयी है लीज की समय सीमा: डीआरएम
इस संबंध में डीआरएम अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि स्कूल को लीज पर जमीन दी गयी थी. स्कूल से अनुबंध 1988 में ही समाप्त हो गया था. स्कूल के पास रेलवे के साढ़े तीन करोड़ रुपये बकाया है. स्कूल इसका भी भुगतान नहीं कर रहा है. इसके बावजूद बच्चों को ढ़ाल बनाकर सड़क निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है.
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